अभिनेता व नेता रहे स्व. सुनील दत्त के छोटे भाई फिल्म अभिनेता सोमदत्त का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। रविवार को उनका अंतिम संस्कार मंडौली गांव में कर दिया गया। उनकी मौत के बाद मंडौली के लोग गम में डूब गए।
देश के बंटवारे के बाद बलराज उर्फ बल्लू फौजी (सुनील दत्त) का परिवार यमुना किनारे बसे गांव मंडौली में आकर बस गया था। इस दौरान सुनील दत्त के परिवार को सरकार ने मंडौली में 14 एकड़ भूमि आवंटित की थी।
कुछ दिन के बाद ग्लैमर की दुनिया में जाने की लालसा सुनील दत्त को मुंबई तक ले गई जहां पर उन्होंने पहले बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई और उसके बाद राजनीति में भी पहचान बनाई लेकिन उनके मुंबई जाने के बाद उनके छोटे भाई सोमदत्त ने गांव मंडौली में ही रहकर खेती-बाड़ी की ओर ध्यान दिया।
इस दौरान सोमदत्त ने अपने बड़े भाई सुनील दत्त के आशीर्वाद से कई फिल्मों में एक्टर के रूप में काम किया। उन्होंने सबसे पहली फिल्म ‘हीरो’ में भाग्य जमाया।
इसके बाद उन्होंने चार फिल्मों ‘दीपक’, ‘मुझे जीने दो’, ‘यादें व यारी दुश्मनी’ में अपने बड़े भाई सुनील दत्त के साथ काम किया लेकिन वे फिल्मी दुनिया में सफल नहीं हो सके और मंडौली लौट आए।
पिछले दो महीने से वे बीमार चल रहे थे। शनिवार रात उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनकर मंडौली में सन्नाटा पसर गया। रविवार शाम सोमदत्त का मंडौली में अंतिम संस्कार कर दिया। वह अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं।
मौसम खराब होने की वजह से नहीं पहुंचे संजू बाबा
मौसम खराब होने की वजह से मुंबई से उनके भतीजे व फिल्म सुपरस्टार संजय दत्त उर्फ संजू बाबा अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। शायद वे एक-दो दिन में शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए मंडौली पहुंचे।