सुनील जाखड़ के साथ नाराज चारों विधायक।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह जिले पटियाला के चार कांग्रेसी विधायकों द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस और कैप्टन सरकार ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने जहां चारों विधायकों को भरोसा दिलाया है कि वह खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह के मिलकर उनका पक्ष रखेंगे। वहीं सीएमओ में कैप्टन के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू ने नाराज विधायकों को सीएम से मिलने के लिए शुक्रवार को चंडीगढ़ बुला लिया है।
एक ओर जहां कैप्टन संधू के बुलावे के तहत चारों विधायक मुख्यमंत्री से मिलने आएंगे। वहीं प्रदेशाध्यक्ष भी चारों विधायकों के साथ सीएम आवास पर पहुंचेंगे। शुक्रवार दोपहर इन विधायकों की सीएम से मुलाकात होगी। शुतराणा से विधायक निर्मल सिंह का कहना है कि उन्हें कैप्टन संधू का फोन भी आ चुका है, लेकिन इससे पहले उनकी मुलाकात सुनील जाखड़ से इसी हफ्ते पटियाला में हुई थी, जिसमें जाखड़ ने भरोसा दिलाया है कि सीएम से मुलाकात के लिए वह स्वयं भी उनके साथ चलेंगे।
दरअसल, निर्मल सिंह, राजपुरा से विधायक हरदयाल सिंह कंबोज, घनौर से मदनलाल जलालपुर और समाना से रजिंदर सिंह की बीते दिनों पटियाला में एक विवाह समारोह में सुनील जाखड़ से मुलाकात हुई थी। चारों ने उनके सामने अपनी शिकायतें रखीं थी। निर्मल सिंह के अनुसार, जाखड़ ने उनकी शिकायतों को जायज ठहराते हुए मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष ले जाने की बात कही थी। जाखड़ ने चारों विधायकों से कहा था कि वह उन्हें साथ लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे।
उधर, गुरुवार को पटियाला में चारों कांग्रेसी विधायकों के तेवरों में कोई नरमी फिलहाल दिखाई नहीं दी। वे अफसरशाही के रवैये को लेकर सख्ती से नाराजगी जताते रहे। इधर, चंडीगढ़ में कैप्टन संदीप संधू से इस बाबत कोई बात नहीं हो सकी लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि कैप्टन चारों विधायकों द्वारा जिन अफसरों के खिलाफ मामला उठाया गया है, उन पर एक्शन लेने के साथ-साथ राज्य की अफसरशाही के लिए नए सिरे से दिशानिर्देश जारी कर सकते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के विदेश दौरे के दौरान जब पटियाला जिले के विधायकों ने सरकार के खिलाफ बयानबाजी शुरू की तो आनन-फानन में कई अफसरों के ट्रांसफर के आदेश जारी कर दिए गए थे। नाराज विधायक इस कार्रवाई को काफी नहीं मान रहे। उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रांसफर भी जूनियर मुलाजिमों का किए गए हैं, मनमानी करने वाले बड़े अधिकारी आज भी ओहदों पर काबिज हैं।