जाखड़ ने कहा कि देश को धर्म के नाम पर बांटने का जो काम अंग्रेज अधूरा छोड़ गए थे, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार वही काम अब कर रही है। जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार देश में धर्म के नाम पर विभाजन कर रही है। जाखड़ ने सरकार द्वारा राज्यसभा में दिए बयान की कापी मीडिया से साझा की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कथन के उलट राज्यसभा में 24 जुलाई, 2019 को एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया था कि भारत सरकार ने 9 जनवरी, 2019 को ही सारे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर मॉडल डिटेंशन सेंटर मैनुअल का प्रारूप भेजा था, जिसमें प्रवासी लोगों को बंदी बनाकर रखने और सेंटरों में किए जाने वाले अन्य इंतजाम के बारे में जानकारी दी गई थी।
जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान और उनके मंत्री द्वारा संसद में दिए बयान परस्पर विरोधी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि अगर प्रधानमंत्री का बयान सही है ? तो वे अपने मंत्री को हटाएं, जिसने संसद में गुमराह करने वाला बयान दिया। और अगर मंत्री का बयान सही है तो प्रधानमंत्री देश से माफी मांगें।