बठिंडा से पीडीए और बसपा के साझे उम्मीदवार सुखपाल खैरा ने मंगलवार को मांग की कि बेअदबी एवं गोलीकांड की जांच संबंधी कैप्टन सरकार श्वेत पत्र जारी करे। ताकि लोगों को पता चल सके कि इन मामलों की जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही और कैप्टन ने बादलों को बचाने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कैप्टन सरकार ने श्वेत पत्र जारी नहीं किया तो पीडीए जारी करेगी।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में खैरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से बादल एवं कैप्टन के आपस में फ्रेंडली मैच खेलने के बयान से पूरा सच सामने आ गया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री कैप्टन जब लुधियाना के सिटी सेंटर घोटाले के आरोपों का सामना करते हुए अदालत में केस लड़ रहे थे तो तत्कालीन अकाली सरकार ने ही कैप्टन को बचाया, जिस से साफ जाहिर होता है कि कैप्टन व बादल आपस में मिले हुए हैं।
खैरा ने कहा कि बहिबल कलां गोलीकांड में जब तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी ने एसआईटी के सामने अपना बयान दे दिया है कि उनको गोली चलाने के आदेश सुखबीर बादल ने दिए थे तब भी कैप्टन सरकार बादलों पर कार्रवाई नहीं कर पा रही।
यह बादलों एवं कैप्टन के आपस में मिले होने का सबूत है। 23 मई को आने वाले नतीजों के बारे में उन्होंने कहा कि जो भी जनता का फतवा होगा, वो उन्हें कबूल है लेकिन वे सूबे की जनता के लिए पहले की तरह सरकार से लड़ते रहेंगे।