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‘बिजली मंत्री ने नौकरों के नाम पर लिए 50 करोड़ के रेत के खदान’

Fri, 26 May 2017 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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- फोटो : File Photo
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आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने आरोप लगाया है कि बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने 50 करोड़ के रेत के खदान अपने नौकरों के नाम पर लिए हैं। इसमें उनके एक रसोइए के पास 26 करोड़ के खदान हैं। ये नौकर आयकर तो भरते नहीं हैं, ऐसे में करोड़ों रुपये इनके पास कहां से आ गए, उन्होंने इसकी जांच की मांग की है।   
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खैहरा ने वीरवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि जिस तरह पिछली बादल सरकार में सत्तारूढ़ नेताओं का सरकारी खदानों पर कब्जा था, यह परंपरा मौजूदा कांग्रेस सरकार में भी बरकरार है। उन्होंने आरोप लगाया कि राणा ने 50 करोड़ रुपये के रेत के खदान अपने चार नौकरों के नाम पर खरीदे हैं। ये चारों नौकर राणा की शूगर मिल के मुलाजिम हैं। इनमें से रसोइए के नाम पर 26 करोड़ की खदानें हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या राणा के नौकर इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं? 
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रसोइए के पास 26 करोड़ के खदान, जांच की मांग की

आप नेता सुखपाल खैहरा - फोटो : फाइल फोटो
आप विधायक ने कहा कि राणा गुरजीत सिंह मंत्री पद का नाजायज इस्तेमाल कर रहे हैं, इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय के अलावा आयकर विभाग को भी करनी चाहिए। राणा गुरजीत सिंह के रसोइये अमित बहादुर को हाल ही में नवांशहर में रेत के खदान का ठेका 26.51 करोड़ में मिला है।

इस तरह से राणा शूगर मिल के कर्मचारी को नवांशहर के मोहद्दीपुर में 9.21 करोड़, राणा शूगर मिल के कर्मचारी गुरिंदर सिंह को मोहाली में 4.11 करोड़, गांव बरसल के बलराज सिंह को 10.58 करोड़ में माइनिंग का ठेका मिला था। इसको लेकर राजनीति काफी गर्मा चुकी है। इस बारे में पक्ष जानने के लिए राणा गुरजीत सिंह के मोबाइल पर बार-बार फोन किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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