आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने आरोप लगाया है कि बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने 50 करोड़ के रेत के खदान अपने नौकरों के नाम पर लिए हैं। इसमें उनके एक रसोइए के पास 26 करोड़ के खदान हैं। ये नौकर आयकर तो भरते नहीं हैं, ऐसे में करोड़ों रुपये इनके पास कहां से आ गए, उन्होंने इसकी जांच की मांग की है।
खैहरा ने वीरवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि जिस तरह पिछली बादल सरकार में सत्तारूढ़ नेताओं का सरकारी खदानों पर कब्जा था, यह परंपरा मौजूदा कांग्रेस सरकार में भी बरकरार है। उन्होंने आरोप लगाया कि राणा ने 50 करोड़ रुपये के रेत के खदान अपने चार नौकरों के नाम पर खरीदे हैं। ये चारों नौकर राणा की शूगर मिल के मुलाजिम हैं। इनमें से रसोइए के नाम पर 26 करोड़ की खदानें हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या राणा के नौकर इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं?