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बारिश में भी सुखना प्यासी, 8 मीटर पानी अभी और चाहिए

Tue, 23 Aug 2016 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Sukhna Lake - फोटो : Amar ujala
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मानसून के बावजूद भी सुखना लेक का जलस्तर पिछले साल की तुलना में आठ मीटर कम है। गत चार माह में सुखना के जलस्तर में सिर्फ दो मीटर की ही बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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 इसका कारण मानसून में 62 फीसदी से कम बारिश होना बताया जा रहा है। वहीं सोमवार शाम तक हुई बारिश से सुखना में वाटर लेवल 154 मीटर हो गया है। जबकि वर्ष 2015 में मानसून की बारिश के बाद यह वाटर लेवल 162 मीटर तक पहुंच गया था। 

सुखना की गाद नहीं हटाई जा सकी
 सुखना लेक की गाद को हटाने में भी प्रशासन की ओर से कोई बेहतरीन काम नहीं किया गया है। इसकी गाद को हटाने के लिए तीन साल पहले आईआईटी रूड़की से इंजीनियरों की टीम भी बुलाई गई थी। लेकिन टीम सर्वे भी पूरा नहीं कर पाई। 
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सुखना लेक पर जल्द ही जलस्तर को स्थायी रूप से बढ़ाने का उपाय खोजें जाएंगे। इसके लिए  लोगों से तीन सप्ताह तक में सुझाव मांगे है। सुखना के चो को भी खोला गया है जिससे कि लेक में  पानी आ सके। - संतोष कुमार, वन निदेशक, चंडीगढ़ प्रशासन 
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सुखना लेक के लिए आम लोगों से सुझाव ले यूटी प्रशासन: हाईकोर्ट

सुखना लेक - फोटो : amarujala
सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ की पहचान सुखना लेक का वजूद बचाने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब चंडीगढ़ प्रशासन से कह दिया है कि वह समाचार पत्रों में पब्लिक नोटिस जारी कद्भ आम लोगों को सुखना लेक के बारे में सुझाव देने के लिए जागरूक करे और सुखना लेक पर नोटिस चस्पा कर वहां पहुंचने वाले आम लोगों से सुझाव हासिल करे।

सोमवार को इस मामले पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को यह काम एक हफ्ते में पूरा करने को कहा। इस मामले की अगली सुनवाई 5 सिंतबर को होगी। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान ट्राईसिटी चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के सभी लोगों से सुझाव मंगाने को कहा था और सुझावों के लिए एमिकस क्यूरी एडवोकेट तनु बेदी ने अपना ई-मेल आईडी भी उपलब्ध कराया था। सोमवार को जस्टिस एके मित्तल और जस्टिस रामेन्द्र जैन की खंडपीठ ने कहा कि सुखना को बचाने के लिए प्रत्येक वैकल्पिक उपाय खोजा जाए।

खंडपीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन से कहा कि सुखना लेक के लिए गाद और जलीय वनस्पति (वीड) घातक है। इसकी समय-समय पर सफाई की जाए। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सोमवार को कहा गया कि हाईकोर्ट की ओर से दिए गए पिछले आदेशों के अनुसार सभी समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित कर सुझाव देने को कहा गया है। इसकी जानकारी आम लोगों को हो चुकी होगी। इस पर खंडपीठ ने कहा कि केवल सिर्फ समाचार से ही नहीं, प्रशासन को खुद भी आम लोगों को हाईकोर्ट के आदेश के प्रति जागरूक करना चाहिए।

पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सुखना लेक के बारे में कहा था कि सुखना ट्राईसिटी ही नहीं बल्कि पंजाब और हरियाणा की भी धरोहर है। इसलिए सभी को आगे आकर सुखना के बचाव के लिए सुझाव देने चाहिए। खंडपीठ ने सुखना का जल स्तर लगातार गिरने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इसे बचाने के लिए अब सभी विकल्पों पर काम करना होगा।
 
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