पूर्व उपमुख्यमंत्री व अकाली सुप्रीमो सुखबीर बादल ने साफ किया है कि अगर रेल हादसे के शिकार लोगों को न्याय नहीं मिला तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। स्थानीय जौडा फाटक के समीप गुरुद्वारा नानकसर में आयोजित भोग के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिला तो उच्चतम न्यायालय का द्वार खटखटाया जाएगा। उनके साथ प्रदेश भाजपा प्रधान श्वेत मलिक और विधायक बिक्रम मजीठिया भी थे।
बादल ने कहा कि पीड़ित बडे़ दुख से गुजर रहे हैं जबकि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह विदेशों में मौज-मस्ती करने में व्यस्त हैं। अफसोसजनक है कि पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और प्रधान सुनील जाखड़ जैसे लोग सरेआम सार्वजनिक तौर से मशकरियां कर पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं। कहा कि अगर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलवाना सियासत है तो वह इस तरह की सियासत भविष्य में भी करते रहेंगे। सिद्धू दंपति और प्रबंधक मिट्ठू मदान द्वारा की गई लापरवाही माफी योग्य नहीं है।
राहुल गांधी बचा रहे सिद्धू दंपति को
बादल ने साफ किया कि रेल हादसे के आरोपियों नवजोत कौर सिद्धू, मंत्री नवजोत सिद्धू और मिट्ठू मदान को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बचाने में जुटे हुए हैं। सरकार ताकत का प्रदर्शन कर रही है। नतीजन लोगों को इंसाफ मिलना मुश्किल है। इसके लिए लोगों को एकजुट होकर दोषियों को सजा दिलाने के लिए आगे आना होगा। अगर आयोजकों ने जिम्मेदारी से काम लिया होता तो दुखांत टल सकता था।