शिरोमणि अकाली दल में चल रहे अंतर्कलह के बीच गुरुवार को पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल पटियाला में वरिष्ठ अकाली नेता एवं पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा से मिलने पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में बैठक भी हुई। दोनों नेताओं ने पार्टी को एक बार फिर से खड़ा करने पर विचार किया।
बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब में पहले ही गांवों के क्लस्टर बनाकर जगह-जगह डिस्पेंसरियां व सिविल अस्पताल बने हैं। इनमें डॉक्टरों की नियुक्ति करने और दवाओं व अन्य चिकित्सा सुविधाओं की कमी दूर करने के बजाय आप सरकार मोहल्ला क्लीनिक खोलने जा रही है। यह सब सरकार की नाकामियों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है।
सुखबीर बादल ने एडवोकेट जनरल की नियुक्ति पर आप सरकार को घेरा। सुखबीर बादल ने कहा कि जो सरकार एडवोकेट जनरल की नियुक्ति के बारे में अपने दम पर फैसला नहीं ले सकती, वह पंजाब के लोगों के हित में किस तरह से फैसले ले सकती है। मुख्यमंत्री भगवंत मान कुछ और कह रहे हैं, राघव चड्ढा कुछ और... अंत में फैसला आप संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ही लेते हैं।
वहीं इस मौके पर चंदूमाजरा ने कहा कि पंजाब के लोगों ने सत्ता भगवंत मान को सौंपी थी लेकिन वह तो अरविंद केजरीवाल के हाथों की कठपुतली बने हैं। पंजाब संबंधी सभी फैसले दिल्ली से लिए जा रहे हैं, जो प्रदेश के लोगों के साथ धोखा है। अब हालात यह हैं कि सीएम भगवंत मान की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।