शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से नदियों के पानी पर साफ और स्पष्ट स्टैंड लेने को कहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे 20 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के साथ होने वाली बैठक में अपना पक्ष रखें कि पंजाब के पास एक बूंद भी पानी अतिरिक्त नहीं है और वह हरियाणा को अपनी नदियों का पानी नहीं देगा।
मंगलवार को जारी एक बयान में सुखबीर ने कहा कि पंजाब ने पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्देशों पर चलने के कारण बहुत बड़ी कीमत चुकाई है। दरबारा सिंह ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के अनुच्छेद-78 को चुनौती देने वाला केस वापस ले लिया, जिसमें 3.5 एमएएफ पानी हरियाणा को देने की बात कही गई थी। सुखबीर ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर को पंजाब के हित में मजबूत स्टैंड लेना होगा। उन्होंने कहा कि एसवाईएल का पूरा इतिहास ही केंद्र की कांग्रेस सरकारों के इशारे पर पंजाब के साथ भेदभाव से भरा है।
यहां तक कि कैप्टन भी इस इतिहास का हिस्सा बनते रहे हैं। पटियाला के सांसद रहते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को एसवाईएल नहर की नींव रखने का न्योता दिया था। सुखबीर ने कहा कि शिअद-भाजपा सरकार ने एसवाईएल नहर के लिए अधिगृहीत की गई भूमि को डिनोटिफाई कर उसके मालिक किसानों को लौटा दिया है। सुखबीर ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मामले में बैठक बुलाकर समस्या सुलझाने के प्रयासों का स्वागत किया।