पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने उनके पिता गुरदास बादल की सुरक्षा में कटौती कर दी है और उन्हें दी गई सरकारी कार भी वापस ले ली गई है। यह फैसला कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार की उस नीति के तहत लिया गया है, जिसमें कांग्रेस ने अपने चुनाव मेनिफेस्टो में वीआईपी कल्चर समाप्त करने का वादा किया था।
ताजा फैसले के बाद अब गुरदास बादल की सुरक्षा में केवल को गनमैन तैनात रहेंगे।इस फैसले के साथ मनप्रीत सिंह बादल ने अपने चचेरे भाई व पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल की ओर से उठाए जाने वाले सवालों पर भी विराम लगा दिया है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सुखबीर बादल ने कांग्रेस के वीआईपी कल्चर खत्म करने के वादे का यह कहकर मजाक उड़ाया था कि मनप्रीत के पिता सरकारी सुविधाएं ले रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सूबे की अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार ने मनप्रीत बादल के पिता को एक एसयूवी (फारच्यूनर) और अन्य सुविधाएं प्रदान की हुई थीं। हालांकि, गुरदास बादल का यह कहना है कि अकाली-भाजपा सरकार ने उन्हें सुविधाओं दीं थीं, उन्होंने खुद कभी मांग नहीं की थी।