डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने वीरवार को सदन में आश्वासन दिया कि बिजली संकट 15 दिन में दूर हो जाएगा। कांग्रेस ने बुधवार को सदन में बिजली का मुद्दा उठाया था।
यूपीए सरकार पर आरोप मढ़ते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार दस साल के कार्यकाल में अतिरिक्त कोयला उत्पादन करने में नाकाम रही। इससे राज्य के थर्मल प्लांटों को आवश्यक कोयला नहीं मिला।
सुखबीर ने कहा कि कुछ दिनों में बिजली की स्थिति में सुधार हुआ है। जल्द ही घरेलू क्षेत्र के लिए 24 घंटे और खेतीबाड़ी केलिए आठ घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई बहाल हो जाएगी। क्योंकि एनडीए सरकार ने थर्मल प्लांटों के लिए दस लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त कोयला देने को मंजूरी दे दी है।
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि पंजाब अपनी जरूरत से अधिक बिजली उत्पादन करने में सक्षम है। पर कोयले की किल्लत के चलते थर्मल प्लांट क्षमता के मुताबिक उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। बिजली की मांग बढ़ कर दस हजार मेगावाट तक पहुंच गई है।
सुखबीर ने कहा कि केंद्र से थर्मल प्लांटों केलिए दस लाख टन अतिरिक्त कोयला आना शुरू हो गया है। गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट के लिए दो लाख टन कोयला प्रतिमाह देने को भी मंजूरी मिल गई है।
सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ ने कहा कि 15 दिनों ऊपर वाले बादलों की कृपा हो जाएगी। जाखड़ ने इंडस्ट्री को हरियाणा से मंहगी बिजली देने का मुद्दा भी उठाया।
कांग्रेस कार्यकाल से ज्यादा बढ़ा उत्पादन
डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि 2007 से अब तक बिजली उत्पादन क्षमता में 4231 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। जबकि, 2002-07 केकांग्रेस कार्यकाल के दौरान सिर्फ 501 मेगावाट उत्पादन क्षमता बढ़ी थी।
2002 में उत्पादन क्षमता 5700 मेगावाट थी। जो 2007 में 6201 मेगावाट हो गई। इस दौरान बिजली की मांग 4936 मेगावाट से बढ़ कर 8672 मेगावाट हो गई थी।