नई दिल्ली में हुई मुख्यमंत्रियों की स्टेट काउंसिल बैठक में उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने केंद्र से पानी और अनाज के लिए रॉयल्टी मांगी। पंजाब ने दावा किया है कि केंद्र उसे नदियों के पानी और अनाज के लिए रायल्टी दे। सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब को वित्तीय सहायता के लिए केंद्र ए श्रेणी में रखे।
जीएसटी लागू होने से पंजाब को 2000 करोड़ का घाटा होगा। इसका मुआवजा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पंजाब को लंबे समय से प्रदेश के सुरक्षा प्रबंधों पर भारी खर्च उठाना पड़ा है। इसके लिए राज्य को 2694 करोड़ रुपये की विशेष ग्रांट मिलनी चाहिए। आतंकवाद के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती का 298 करोड़ का जो खर्च केंद्रीय गृहमंत्रालय मांग रहा है, उससे भी छूट दी जानी चाहिए।
सीमावर्ती जिलों में हो बीएसएफ की तैनाती
सुखबीर बादल ने कहा कि राज्य में अगले साल चुनाव होने हैं। इसलिए पाकिस्तान के साथ लगते जिलों में जम्मू-कश्मीर की तरह ही बीएसएफ तैनात की जाए। पंजाब को आठ उत्तरी पूर्वी राज्यों की मार्डर्नाइजेशन स्टेट पुलिस फोर्सेज स्कीम में शामिल किया जाए।
असरदार संघीय ढांचे पर जोर
सुखबीर सिंह बादल ने देश में ऐसे असरदार संघीय ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिससे राज्यों को अधिक वित्तीय और राजनीतिक अधिकार मिल सकें। उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य के हितों और अधिकारों को घटा रहा है, जोकि संवैधानिक भावना के विपरीत है। इससे राज्यों को नुकसान हो रहा है।
एसवाईएल बनाने की जरूरत नहीं
सुखबीर बादल ने कहा कि एसवाईएल नहर बनाने की कोई जरूरत नहीं है। पंजाब के पास एसवाईएल के लिए एक भी बूंद पानी नहीं है। पंजाब का पानी अन्य राज्यों को बांटने का यह नतीजा है कि राज्य में भूजल स्तर काफी गिर गया है।
पंजाबी भाषी क्षेत्र वापस मिलें
सुखबीर ने पंजाब के साथ अन्याय की बात उठाते हुए कहा कि पंजाब पुनर्गठन के दौरान पंजाबी बोलने वाला इलाका हरियाणा को दे दिया गया और उसकी राजधानी चंडीगढ़ भी पंजाब को नहीं दी गई। हमारी मांग है कि पंजाबी बोलने वाले इलाके और चंडीगढ़ पंजाब को दिए जाएं। चंडीगढ़ में अधिकारियों की तैनाती के दौरान पंजाब व हरियाणा के अफसरों की 60-40 की औसत के फैसले को भी बरकरार नहीं रखा गया। इसे बरकरार रखा जाए।