पुलिस जांच और तरीकों में आधुनिकता लाने को पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन का निचले स्तर पर कैडर बनाया जाएगा। जल्द सब-डिवीजन स्तर पर अलग कैडर स्थापित किया जाएगा। यह जानकारी डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने गृह और पुलिस अधिकारियों की बैठक में दी।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट में इस पर सहमति दे दी गई है। 16035 पुलिसकर्मियों की भरती को भी मंजूरी मिल गई है। इनमें से 5249 पद पीबीआई के होंगे। उन्होंने कहा कि सब-डिवीजन स्तर पर हेडक्वार्टर और पीबीआई का कैडर अलग-अलग होगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों की भरती के लिए शर्तें तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेडक्वार्टर पर डायरेक्टर-कम-एडीजीपी की निगरानी में ब्यूरो स्थापित किया जा चुका है। इसका डीआईजी स्तर का अधिकारी इंचार्ज है। इसी तरह जिलों में एसएसपी व कमिश्नर जिम्मेदारी निभाएंगे। जबकि, डीएसपी इनवेस्टिगेशन सब-डिवीजन स्तर पर इंचार्ज होगा।
उन्होंने कानूनी और फोरेंसिक माहिर नियुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पीबीआई केअलग-अलग पांच यूनिट स्थापित किए जाएंगे। जो कत्ल केस, महिलाओं पर अपराधों, बच्चों संबंधित अपराध, साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध, मानव तस्करी की जांच पर आधारित होंगे। कत्ल केसों की जांच में 174 टीमें लगाई जाएंगी। महिला अपराधों केलिए 152 टीमें तैनात की जाएंगी। जबकि, साइबर क्राइम के लिए 150 टीमें होंगी। संगठित अपराधों को रोकने केलिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएगी। इंटेलिजेंस कैडर को मजबूत करने के लिए 781 नए पदों की रचना की गई है। इंटेलिजेंस अधिकारी के लिए ग्रेजुएशन केसाथ आईटी की डिग्री या डिप्लोमा की शर्त रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों के 4425 अतिरिक्त पदों को भी मंजूरी दे दी गई है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जगपाल संधू, मुख्य सचिव डीपी रेड्डी, प्रमुख सचिव पीएस औजला, डीजीपी सुरेश अरोड़ा मौजूद थे।