चंडीगढ़। शुक्रवार सुबह शुरू हुई बारिश से सुखना झील का जलस्तर खतरे के निशान से महज 1.4 फुट दूर रह गया है। आठ घंटे में 29.7 एमएम बारिश से सुखना का जलस्तर 1161.60 पर पहुंच गया। इंजीनियरिंग विभाग की मानें तो और बारिश हुई तो झील का जलस्तर और बढ़ जाएगा।। खतरे के निशान 1163.00 फुट तक जलस्तर के पहुंचने पर डैम के गेट खोलने पड़ सकते हैं।
शुक्रवार की सुबह पांच बजे से दोपहर एक बजे तक हुई बारिश से सुखना झील के जलस्तर पर खासा प्रभाव पड़ा है, बारिश से सुखना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मानसून से पूर्व झील का जलस्तर 1156.00 फुट पर था, जो बारिश के बाद करीब साढ़े पांच फुट बढ़ गया है। लगातार बढ़ते लेक के जलस्तर से इंजीनियरिंग विभाग अलर्ट मोड पर है। विभागीय अधिकारियों ने कर्मचारियों को हर पल जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दो दिन और ऐसी बारिश होती है तो झील का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाएगा।
चार साल तक नहीं होगी पानी की कमी
इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुखना में अब चार साल तक पानी की कमी नहीं होगी। इससे पहले 2017 में ऐसे हालात हो गए थे कि झील में पानी की कमी होने पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई की गई थी।
शुक्रवार को ऐसे बढ़ा सुखना का जलस्तर
समय जलस्तर (फुट में)
सुबह 8.00 बजे 1161.20
सुबह 10.00 बजे 1161.35
दोपहर 12.00 बजे 1161.50
दोपहर 1.00 बजे 1161.53
शाम 6.00 बजे 1161.60