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मंत्री के आगे 'नंबर' बनाने में जुटे डाक्टर, दम तोड़ गया मरीज

Wed, 15 Jul 2015 11:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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जनरल अस्पताल में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के दौरे के दौरान अस्पताल के नियम-कायदे धरे रह गए। जितने समय तक विज अस्पताल में रहे, उतने समय तक यहां हड़कंप की स्थिति रही। मरीज बेहाल हो गए।
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इमरजेंसी के पेशेंट्स को शिफ्ट कर दिया गया और रिपोर्ट के इंतजार में लोग बैठे रह गए। मंत्री की आवभगत में लगे डॉक्टर यह भी भूल गए कि उनके इंतजार में मरीज परेशान हो रहे हैं।

हाल यह हुआ कि एक मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि वह कालका से मरीज को सुबह से यहां लाए हुए थे, लेकिन डॉक्टर के न देखने की वजह से हालत बिगड़ने के बाद मरीज की मौत हो गई।
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शूगर का मरीज था, हालत काफी बिगड़ गई थी

शुगर के मरीज चेतराम को वार्ड नंबर-203 में भर्ती करवाया गया था। सुबह से मरीज की पत्नी इंतजार में बैठी रहीं कि डॉक्टर आएंगे। यह इंतजार लंबा होता गया। उनके वार्ड में कोई डॉक्टर नहीं आया। चेतराम की हालत बिगड़ती गई और विज के दौरे के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।

चेतराम की पत्नी मायादेवी ने आरोप लगाया कि उन्होंने डॉक्टरों से कई बार कहा कि उनके पति को देख लें, लेकिन यहां मंत्री का दौरा और व्यस्तता का हवाला देकर किसी ने सुध नहीं ली। मरीज की मौत के बाद डॉक्टर आनन-फानन में आए और मृतक की छाती दबाकर चेक करने लगे।

सेक्टर-19 से आए कृष्ण कुमार, सुशील कुमार ने कहा कि लैब टेस्ट के लिए काफी भीड़ रहती है, लेकिन यहां मंगलवार को कोई नहीं आया। यहां किसी मरीज को बैठने नहीं दिया गया। कई मरीजों को बुधवार को आने के लिए कह दिया गया।
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मंत्री विज बोले, मामला बेहद गंभीर, जांच होगी

इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैंने किसी डॉक्टर को अपने पीछे घूमने के लिए नहीं कहा है। मैं खुद यहां मरीजों को परेशानी से निजात दिलाने आया हूं। मरीज को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मामला गंभीर है। इसकी जांच करवाई जाएगी।

लैब में घुस गए सभी
स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के दौरान किसी ने रेड लाइन तक की परवाह नहीं रही। यह रेड लाइन बनाई गई है जनरल अस्पताल के लैब के ठीक बाहर। इस रेड लाइन को विज के साथ चलने वाले अमले ने जूते पहनकर ही क्रॉस कर डाला। यहां के एक डॉक्टर ने बताया कि यहां रखी मशीनें काफी कीमती हैं। इसके अलावा इंफेक्शन का खतरा देखते हुए यहां हर किसी को नहीं आने दिया जाता।
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