याद है जब 1998 में पेनोरमा फिल्म सिलेक्शन में ज्यूरी की भूमिका में था, उस समय गुरदास मान की शहीद ए मुहब्बत बूटा सिंह देखी थी।
फिल्म देखकर गुरदास की एक्टिंग बहुत अच्छी लगी और लगा की यह एक ऐसा कलाकार है जिसे इंडस्ट्री पूरी तरह से निखार नहीं पाई।
यह बात फिल्म निर्देशक सुधीर मिश्रा ने की। सुधीर रविवार शाम लेजर वेली में माय ड्रीम एकेडमी की लान्चिंग के लिए शहर में थ।
सुधीर ने कहा कि आजकल का समय नए एक्सपेरिमेंट का है। इसलिए अनुराग कश्यप जैसे कई प्रतिभावान निर्देशक सामने आ रहे हैं। सुधीर ने कहा कि बचपन से ही उन्होंने अपने परिवार में एक अलग तरह का माहौल देखा, लेकिन कभी भी एक जॉब करना उन्हें नहीं भाया।
एक बार दिल्ली में विनोद दुआ, कपिल देव और फिल्म निर्देशक विनोद चोपड़ा का इंटरव्यू लेना चाहते थे लेकिन उन्हें फिल्म से जुड़ी कोई जानकारी नहीं थी। इसलिए उन्होंने विनोद चोपड़ा का इंटरव्यू मुझे करने को दिया।
सुधीर ने कहा कि इंटरव्यू के दौरान विनोद उनके सवालों से इतने प्रभावित हुए की उन्होंने उन्हें अपनी अगली फिल्म में काम करने को कहा और इस दौरान उनके पास फिल्म जाने भी दो यारों की स्क्रिप्ट लिखने का भी ऑफर आया।