चंडीगढ़। कोरोना महामारी से बचाव के लिए प्रशासन हर स्तर पर मजबूत व्यवस्था का दावा कर रहा है लेकिन अस्पतालों में व्यापक स्तर पर लापरवाही देखने को मिल रही है। सेक्टर-48 में बनाए गए 100 बेड के सरकारी कोविड अस्पताल में साफ-सफाई के साथ संक्रमण से बचाव की व्यवस्था ध्वस्त है। परिसर में यहां वहां खुले में प्रयोग किए हुए मास्क, ग्लव्ज, हेड कवर बिखरे पड़े हैं जबकि यहीं से डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और मरीज अस्पताल के अंदर जा रहे हैं।
ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि दावों के बीच की हकीकत क्या है। स्थिति देखकर ऐसा लग रहा है कि अस्पताल को हॉट स्पॉट बनाने की तैयारी है। अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था के कारण है वहां ड्यूटी पर लगाए गए डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी वहां जाने से कतरा रहे हैं। संक्रमण के खतरे का खौफ उन पर इतना ज्यादा हावी है कि वहां ड्यूटी कर रहे कर्मचारी आए दिन गश खाकर बेहोश हो रहे हैं। संक्रमण का खतरा उन पर इस कदर हावी है कि वद्द अपनी ड्यूटी वहां से हटाने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुरोध करने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कोविड अस्पताल में कोरोना के बेहद गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रशासन द्वारा की गई अनदेखी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
कोट..
अगर अस्पताल परिसर में सफाई को लेकर इस तरह से लापरवाही की जा रही है तो इसे चेक किया जाएगा। साथ ही कोविड के मानक के अनुसार सख्ती से सफाई व्यवस्था बहाल कराई जाएगी।
-अरुण गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव