चंडीगढ़ की नंदिनी की उम्र महज 16 साल है लेकिन उन्होंने अपने शानदार खेल की बदौलत भारतीय महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाई है। नंदिनी सेक्टर-22 के सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा हैं। फुटबॉल के प्रति उनका जुनून देखते ही बनता है। वह शहर की सबसे युवा फुटबॉल खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने दम पर अंडर-17 भारतीय महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाई और जॉर्डन में खेलीं। नंदिनी चंडीगढ़ की एकमात्र ऐसी फुटबॉल खिलाड़ी हैं, जिन्होंने प्रोफेशनल फुटबॉल खेला है।
नंदिनी के पिता विजय कुमार सेक्टर-17 स्थित उद्योग भवन में चपरासी (फोर्थ क्लास) हैं जबकि मां भारती गृहिणी। नंदिनी का बड़ा भाई फुटबॉल खेलता था, जिसे देखकर नंदिनी का झुकाव भी फुटबॉल की तरफ हुआ। नंदिनी का कद 5.9 फीट है, किसी जानकर ने उनकी हाइट देखकर उन्हें फुटबॉल खेलने की सलाह दी थी। इसके बाद सेक्टर-22 के सरकारी स्कूल में उन्होंने दाखिला लिया। यहां कोच भूपिंदर सिंह ने उन्हें तराशा।
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कोच भूपिंदर सिंह ने नंदिनी के कद को देखते हुए उन्हें गोलकीपर की ट्रेनिंग देनी शुरू की, लेकिन जिस तरह से वह मैदान पर खेलती थीं, उसे देख उन्हें स्ट्राइकर की भूमिका के लिए तैयार करना शुरू किया। इसके बाद नंदिनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
अंडर-15 लीग में की बंगलूरू फुटबॉल क्लब की कप्तानी
चंडीगढ़ फुटबॉल लीग अंडर-13 में नंदिनी बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुनी गई थीं। इसके बाद कर्नाटक महिला अंडर-15 फुटबॉल लीग में खेलने का मौका मिला। इसमें नंदिनी को बंगलूरू फुटबॉल क्लब की कप्तानी सौंपी गई। कप्तानी करते हुए पहले ही मुकाबले में जीआरके गर्ल्स फुटबॉल क्लब के खिलाफ हैट्रिक लगाकर नंदिनी ने मैच जीत लिया था।