भारतीय मूल की 14 साल की बेटी अंजलिराज ने यूनाइटेड नेशंस ऑर्गनाइजेशन के हेड क्वार्टर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हेल्थ डिजाइन प्रतियोगिता में देश का परचम लहरा दिया है। अंजलिराज ने इस प्रतियोगिता में दुनिया भर के देशों से आए बच्चों को पछाड़ते हुए सर्वश्रेष्ठ डिजाइन तैयार किया, जिसे प्रथम स्थान मिला है।
यूएनओ अब अंजलि के डिजाइन को अपने स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत बटन व टी-शर्ट पर इस्तेमाल करेगा। अंजलिराज की इस उपलब्धि को देखते हुए यूएनओ ने उसे इंस्पायर यूथ का खिताब दिया और यूएनओ के हेडक्वार्टर की मुख्य असेंबली में बोलने का मौका भी दिया। अंजलि के टोहाना निवासी चाचा व सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता पवन खिचड़ ने इसकी जानकारी दी।
आस्ट्रेलिया में परिवार के साथ रहती है अंजलि
अंजलि राज मूल रूप से हरियाणा के हिसार जिले के अग्रोहा की निवासी हैं। उनके पिता राजेंद्र पिछले काफी समय से आस्ट्रेलिया में अध्यापन का कार्य कर रहे हैं। करीब चार साल पहले अंजलि व उसकी मां को भी आस्ट्रेलिया की नागरिकता मिल गई। इसके बाद अंजलि राज वहीं पर रहकर पढ़ाई करने लगी।
अंजलि आस्ट्रेलिया मॉडल स्कूल में फिलहाल कक्षा आठवीं की छात्रा है। अंजलि के चाचा पवन खिचड़ टोहाना सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। अंजलि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने चाचा के घर पर ही टोहाना में की थी। वह चौथी कक्षा तक टोहाना में पढ़ी और इसके बाद आस्ट्रेलिया अपने पिता के पास चली गई।