फेज-8 में रविवार को मंडी बोर्ड की मनाई के बावजूद भी दुकानदारों ने दुकानें लगाईं। इस दौरान काफी संख्या में लोग खरीदारी करने के लिए पहुंचे। वहीं, अब आम लोग भी मंडी बोर्ड के फैसले के विरोध में आ गए।
लोगों की दलील है कि विभिन्न सेक्टरों में लगने वाली अपनी मंडियां बंद नहीं होनी चाहिए। ऐसा होने से लोग मुश्किल में आ जाएंगे।
वहीं, मंडी बोर्ड को नई एसी मंडी में फलों एवं सब्जियों के रेटों को भी कंट्रोल करना होगा, क्योंकि वहां पर दोगुने रेट पर सामान मिलता है।
क्या कहते हैं लोग
मंडी पहुंचने में आएगी दिक्कत
सेक्टर-51डी बलविंदर सिंह ने बताया कि वह हर सप्ताह फेज-8 में लगने वाली मंडी खरीदारी करने आते हैं। मंडी पहुंचने में सिर्फ पांच मिनट का समय लगता है। लेकिन यदि मंडी सेक्टर-65 ए में स्थित नई एसी मंडी में ही लगती है। तो उन्हें काफी परेशानी उठानी पडे़गी।
सीनियर सिटीजन के लिए मुश्किल पैदा हो गई
फेज-4 निवासी अमरजीत सिंह ने बताया किवह पैदल सब्जी मंडी में आते है। उनके पास कोई अपना वाहन नहीं है। सेक्टर-68 में बनी मंडी काफी दूर पड़ती है। मैं सीनियर सीटिजन हूं। इतनी दूर जाना मेरे लिए बहुत मुश्किल है।
नई मंडी में दोगुने रेट पर मिल रहा है सामान
फेज-4 निवासी रविंद्र कौर का कहा कि वह 65ए में लगने वाली मंडी में भी गई थी। लेकिन वहां अपनी सब्जी मंडी के मुकाबले दोगुना रेट है। प्याज जहां इस मंडी में 16 रुपये किलो के हिसाब से मिल रहे हैं।
वहीं, 65ए में लगने वाली सब्जी मंडी में 30 रुपये किलो बिक रहे हैं। मैं एक गृहणी हूं। ऐसे में अगर सब्जी मंडी बंद हो जाती है, तो हमें अपनी जरूरतों पर फेरी वालों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा, जो के मनमाने दाम बसूल करेंगे।
मंडी से सामान लाने में आएगी मुश्किल
फेज-4 निवासी गुलजार सिंह विरदी ने कहा कि वह साप्ताहिक मंडी में आते हैं। यहां ताजा सब्जियां मिलती हैं। साथ ही घर के पास मंडी होने से वह आसानी से सामान ले जाते हैं।