पंजाब में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी की योजना के मुताबिक लाभ न मिलने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है।
यह फटकार सरकार की ओर से सब्सिडी और अन्य अदायगी की जानकारी न देने पर लगाई गई है। सब्सिडी की योजना के मुताबिक लाभ न मिलने का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। हालांकि एडवोकेट जनरल ने कोर्ट में स्वयं पेश होकर जानकारी देने के लिए समय देने की मांग की है।
उधर, जस्टिस राजेश बिंदल की एकल बेंच ने बुधवार तक केस की सुनवाई स्थगित कर दी है। केस की पिछली सुनवाई पर बेंच ने अपने निर्देश में कहा था कि उद्योगपतियों को सब्सिडी और अन्य विभागों के बकाए पर पंजाब के मुख्य सचिव (सीएस) ने हाईकोर्ट ने अधूरी जानकारी दी है।
हालांकि यह जवाब रिकार्ड पर ले लिया गया था। बेंच ने कहा था कि उद्योग विभाग को सब्सिडी की अनुमानित राशि 72.45 करोड़ बताई गई थी। इसमें से चार करोड़ 19 लाख रुपये अदा करने की बात कही गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया था कि छह करोड़ 72 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है, पर यह जानकारी सही नहीं है।
बेंच ने कहा था कि सरकार ने बताया कि उसके पास 1300 करोड़ रुपये का सरप्लस बजट है। बावजूद इसके अभी तक लाभार्थियों को अदायगी नहीं हो सकी है।
पंजाब में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए साल 1996 में सब्सिडी की योजना बनाई गई थी, लेकिन सब्सिडी न मिलने पर लुधियाना की एक इकाई ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।