अब शहर के व्यापारियों को प्रापर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए नगर निगम जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब वे अलग-अलग जगह बने ई-संपर्क सेंटर पर भी प्रापर्टी टैक्स जमा करा सकते हैं।
नगर निगम को हर साल 14 से 15 करोड़ रुपये की कमाई प्रापर्टी टैक्स से होती है। चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष बलदेव गोयल का कहना है कि नगर निगम द्वारा संपर्क सेंटरों पर प्रापर्टी टैक्स लेने की सुविधा शुुरू करने का व्यापारियों को काफी फायदा मिलेगा।