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चंडीगढ़ में सुसाइड केसों में चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 08 May 2014 03:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ट्राइसिटी में जहर और उसके बाद पैदा होने वाली परिस्थितियों और आर्थिक स्थिति पर पीजीआई के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग और पंजाब यूनिवर्सिटी के सांख्यकी विभाग द्वारा की गई रिसर्च में सामने आया है कि जहर खाकर सुसाइड करने में महिलाओं की अपेक्षा पुरुष ज्यादा हैं।
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पीजीआई के प्रो. दलबीर सिंह और पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रो. सुरेश शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि स्टडी में सामने आया है कि सबसे ज्यादा जहर खाने की घटना 26 से चालीस साल की आयु में होती है।

पीजीआई ने 657 लोगों पर की स्टडी

ट्राइसिटी के 657 लोगों को स्टडी में शामिल किया गया। इसमें से 226 अनट्रेसेबल रहे। 431 में से 406 ने बात करने की अनुमति दी। इन पेशेंट में से कुल 32 पेशेंट की मौत हो गई थी, जबकि बाकी का इलाज चला और बच गए।

स्टडी के दौरान पाया गया कि जहर खाने वाली 69 फीसदी जनसंख्या शहरी है। स्टडी के दौरान पाया गया कि 78 फीसदी न्यूक्लियर फैमिली में जहर खाने की घटनाएं होती हैं। ऐसे मामले ज्वाइंट फैमिली में ज्यादा होते हैं।

ज्यादातर को नहीं मिली सहायता

करीब 93 विक्टिम को मेडिकल हेल्प नहीं मिली, सिर्फ सात फीसदी को पब्लिक से सहायता मिली।

कुल कास्ट है यह
396 जहर के मामलो में करीब 19 लाख 72 हजार 745 रुपये का खर्च आया, जबकि दस मामले मृत लाए गए। जहर खाने के मामले में 159914450 रुपये का खर्च आया।

जहर सुसाइड के विक्टिम

स्टूडेंट 29 फीसदी
हाउस वाइफ 21 फीसदी
प्राइवेट जाब इंप्लाइज 10 फीसदी
बिजनेसमैन नौ फीसदी
गवर्नमेंट सर्वेंट आठ फीसदी
स्किल्ड वर्कर सात फीसदी
ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट 35 फीसदी
पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट छह फीसदी

जहर खाने के मामले

19-26 साल 35.4
26-40 साल 31.2
40-60 साल 15.1
60 साल से ज्यादा 2.2 फीसदी
19-40 साल 66.6 फीसदी
पुुरुष और महिलाओं में औसत 1.2/1 अनुपात

कुल मामले 657

अनट्रेसेबल 226
यूटी के मामले 251
मोहाली के मामले 117
पंचकूला के मामले 38
पुरुष 336 (51.4 फीसदी)
महिलाएं 321 (48.6 फीसदी)
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पेशे के लिहाज से जहर के मामले

काम-----------पुरुष-----------महिला
बच्चे-------------7-----------4
स्टूडेंट-----------66-----------53
बेरोजगार-----------13-----------5
हाउसमेड-----------0-----------12
किसान-----------10-----------0
गवर्नमेंट सर्विस-----27-----------5
हाउस वाइफ-------0-----------84
बिजनेसमैन-------36-----------2
स्किल्ड वर्कर----19-----------11
अनस्किल्ड वर्कर--9-----------3
प्राइवेट जाब-----32-----------8
(वर्ष 2012 के आंकड़े)
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