परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी के विरोध में भूख हड़ताल पर वीसी ऑफिस के पास बैठे विद्यार्थियों की हालत बिगड़ने लगी है। बुधवार को स्वास्थ्य जांच में लो बीपी की शिकायत के साथ विद्यार्थियों का वजन भी लगातार गिरने की बात सामने आई। बावजूद इसके विद्यार्थी मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल पर बैठे रहने की बात कह रहे हैं। विद्यार्थियों की मुख्य मांग परीक्षा शुल्क में हुई बढ़ोतरी को वापस लेना है। विद्यार्थी बीते कई दिनों से प्रदर्शन व भूख हड़ताल कर रहे हैं लेकिन पीयू प्रशासन इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहा है। पीयू प्रशासन ने सत्र 2024-25 में सभी यूजी, पीजी कोर्सेज के परीक्षा शुल्क, पीएचडी कोर्स वर्क शुल्क और हाॅस्टल में मेहमान बनकर रहने के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे एनएसयूआई के छात्र नेता व बीते छात्र परिषद चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार राहुल नैन ने बताया कि परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी से विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पीयू प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है, जोकि विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, हम भूख हड़ताल से नहीं उठेंगे। राहुल नैन के साथ भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता साहिल का कहना है कि परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी से दिक्कत तो है ही, यूनिवर्सिटी में लड़कों व लड़कियों दोनों के हॉस्टल में भी कई समस्याएं हैं, जिनका कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा। बीते दिन बॉयज हॉस्टल नंबर-2 के वाटर कूलर से कीड़े निकले हैं। कुछ दिन पहले हॉस्टल के रूम का पंखा गिर गया था। ऐसी परिस्थितियों में विद्यार्थी हाॅस्टल में कैसे रहेंगे। पीयू प्रशासन नजर अंदाज करने के अलावा कुछ नहीं करता, विद्यार्थियों की समस्या को उठाना हमारा कर्तव्य है। इसलिए मांगें पूरी न होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।