फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: पीयू में पंजाबी विषय को वैकल्पिक करने पर छात्रों का प्रदर्शन, वीसी दफ्तर घेरा

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से नई शिक्षा नीति-2020 के लिए तैयार की गई रेगुलेशन में पंजाबी को लेकर विवाद छिड़ गया है। पीयू की ओर से पंजाबी को माइनर विषय में रखने की बजाय एबिलिटी इनहासमेंट कोर्स की कैटेगरी में रखने का फैसला लिया था। सिंडिकेट में प्रस्तावित एजेंडा पास होने के बाद विभिन्न छात्र संगठनों ने मिलकर मंगलवार को पंजाबी भाषा को स्नातक कोर्स में अनिवार्य तौर पर पढ़ाए जाने के लिए प्रदर्शन करते हुए वीसी दफ्तर का घेराव किया। छात्रों ने इस दौरान घोषणा की कि वे आगामी 3 जून को होने वाली सीनेट बैठक से पहले सदस्यों का घेराव करेंगे। हालांकि शाम को वाइस चांसलर प्रो रेणु विग ने पंजाबी भाषा को अनिवार्य तौर पर पढ़ाने का आश्वासन दिया है। बता दें पंजाबी को लेकर पिछले हफ्ते लैंग्वेज फैकल्टी की बैठक में शिक्षकों का आपस में मतभेद सामने आए थे। इसे लेकर उनमें बहसबाजी भी हुई थी।
विज्ञापन

पीयू वीसी दफ्तर के बाहर मंगलवार को छात्र संगठन एसएफएस, पीएसयू ललकार, अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन, पुसू, सोई, एनएसयूआई, सीवाईएसएफ, सथ ने मिलकर ज्वॉइंट एक्शन कमेटी के तहत प्रदर्शन किया। छात्र नेताओं ने कहा कि अगर विद्यार्थियों ने छात्रों की स्नातक और परास्नातक स्तर पर पंजाब की क्षेत्रीय भाषा को पढ़ाना बंद कर दिया गया तो पंजाब का कल्चर और इतिहास खत्म हो जाएगा, क्योंकि जिस क्षेत्र की भाषा खत्म हो जाती है, उस क्षेत्र की संस्कृति और पहचान भी लुप्त हो जाती है। छात्रों ने कहा कि पीयू के तहत पंजाब के सबसे अधिक 200 कॉलेज आते हैं। इसमें मुख्यत: लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, श्रीमुक्तसर साहिब, फाजिल्का, जालंधर और अबोहर आदि क्षेत्र शामिल है। ऐसे में पीयू का फैसला इन कॉलेजों पर भी लागू होगा। इसका अर्थ यह है कि पंजाब में ही कॉलेज स्तर पर पंजाबी भाषा का पढ़ना अनिवार्य नहीं रहेगा। छात्रों के प्रदर्शन के बाद डीयूआई प्रो. रूमिना सेठी और डीएसडब्ल्यू प्रो. जतिंदर ग्रोवर ने छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी बात को अधिकारियों के साथ बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद वाइस चांसलर प्रो. रेणु विग की ओर से भी इस मसले को लेकर बैठक बुलाई गई थी।

वीसी ने पंजाबी अनिवार्य पढ़ाने का दिया आश्वासन
पंजाब यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो रेणु विग ने अमर उजाला को बताया कि अभी तक पीयू की ओर से सिर्फ पहले साल के लिए ही टैंपलेट तैयार किया गया था। इसमें थोड़ा बदलाव कर अब पंजाबी को तीनों साल/छह सेमेस्टर में अनिवार्य भाषा के रूप में पढ़ाने का फैसला लिया जा रहा है। इसमें माइनर विषय की बजाय अलग से सेक्शन में अनिवार्य किया जाएगा।
विज्ञापन


0प्रदर्शन के दौरान छात्रों की सिक्योरिटी के साथ बहस : पीयू वीसी दफ्तर के बाहर जारी प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ पुलिस की टीम एसएचओ के साथ मौके पर पहले ही आ गई थी। पीयू सुरक्षा प्रमुख अपनी टीम के साथ बाद में आए और छात्रों के साथ बीच-बचाव कर उन्हें बैठक के लिए समझा रहे थे। इसी दौरान छात्रों की सुरक्षा प्रमुख के साथ बहस हो गई, छात्रों का कहना था कि पीयू में पुलिस पहले आती है और पीयू सुरक्षाकर्मी हमेशा देर से पहुंचते हैं। वहीं मौके पर सुरक्षा प्रमुख का कहना था कि छात्रों ने उनसे बदतमीजी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें