बॉन्ड राशि भरने पर दो वर्ष तक नियम पूरे करने की बनी सहमति
राशि न भरने वाले स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की बोर्ड परीक्षा लेने के लिए मुख्यमंत्री से करेंगे बातचीत
ऐसे स्कूल अप्रैल से नहीं ले सकेंगे कोई भी दाखिला
चंडीगढ़। शिक्षा विभाग की ओर से बॉन्ड राशि न भरने वाले अस्थायी स्कूलों व उनके छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। विभाग ने सशर्त इन स्कूलों के बच्चों की बोर्ड परीक्षा लेने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री के साथ प्रदेश के विभिन्न स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक में आश्वासन दिया कि जो स्कूल विभाग की ओर से निर्धारित बॉन्ड राशि भर देगा, उसे दो साल में नियम पूरे करने की छूट रहेगी। वहीं, जो स्कूल बॉन्ड राशि नहीं भरेगा, वे इस नए शैक्षणिक सत्र से एडमिशन नहीं कर पाएंगे।
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि इस मामले को लेकर विभिन्न स्कूल संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चंडीगढ़ में शिक्षामंत्री कंवरपाल से मुलाकात की थी। इस दौरान विभाग के समस्त उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में अस्थायी स्कूलों पर भारी भरकम गारंटी राशि की शर्त को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग को उठाया गया। उन्होंने बताया कि अस्थायी स्कूलों में पढ़ रहे 60 हजार बच्चे विभाग के निर्णय से सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं और उनके परीक्षा फार्म अभी तक नहीं भरे गए हैं। बैठक में तर्क दिया कि अगर अस्थायी स्कूलों के बच्चों के परीक्षा फार्म नहीं भरे जाने थे तो भिवानी शिक्षा बोर्ड की ओर से इन स्कूलों में एडमिशन देने की परमिशन ही नहीं दी जानी थी। ऐसे में बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूलों को राहत दी जाए। शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि बॉन्ड राशि भरने वाले स्कूलों को नियम पूरा करने के लिए दो साल का समय दिया जाएगा। वहीं, अगर कोई स्कूल बॉन्ड राशि नहीं भरता है तो ऐसे स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र में एडमिशन पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। वहीं, इन स्कूलों के छात्रों की बोर्ड परीक्षा लेने के लिए मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने भी इस बात पर सहमति जताई और विश्वास दिलाया कि संबंधित स्कूल विभाग के फैसले का पालन करेंगे। इस मौके पर विभिन्न स्कूल संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।