चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में स्थापित सीमेंस उत्कृष्टता केंद्र का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी समेत इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों विद्यार्थियों को यहां प्रशिक्षण मिलेगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। सबसे खास बात यह है कि केंद्र विद्यार्थियों को इस तरह प्रशिक्षित करता है कि जैसे ही वे नौकरी पाएंगे तो रफ्तार पकड़ जाएंगे। एक तरह से यहां अभ्यास होगा। साथ ही इंजीनियरिंग के विद्यार्थी शोध कार्य भी इसके जरिए कर सकेंगे।
वर्ष 2018 में पेक में सीमेंस कंपनी की ओर से 160 करोड़ का प्रोजेक्ट स्थापित किया गया था। इस प्रस्ताव के तहत यहां आधुनिक मशीनें स्थापित की गईं जो देश-दुनियाभर के उद्योगों में काम आएंगी। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के मुताबिक प्रशिक्षण दिया जा रहा था। बेहतर संचालन होने के बाद अब इस केंद्र का विस्तार किया जा रहा है ताकि अन्य इंजीनियरिंग के छात्र भी इसका लाभ उठा सकें। सूत्रों का कहना है कि विद्यार्थियों को इसके लिए बहुत कम शुल्क देना होगा। वेबसाइट पर दिए गए पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण की अवधि तय की जाएगी। मालूम हो कि पेक की मांग के बाद ही यह प्रस्ताव पास किया गया था। 1600 स्क्वायर मीटर में यह स्थापित किया गया। यहां से प्रशिक्षण पाने वाले अधिकांश विद्यार्थियों को बेहतर कंपनी में नौकरियां मिली हैं।
ये हैं सुविधाएं
इस प्रोजेक्ट में उत्पाद डिजाइन और सत्यापन लैब स्थापित हैं। एडवांस मैन्युफैक्चरिंग लैब, ऑटोमेशन लैब, इलेक्ट्रिकल एंड एनर्जी सेविंग लैब, मेक्ट्रोनिक्स लैब, प्रोसेस इंस्ट्रूमेंटेशन लैब, टेस्ट एंड ऑप्टिमाइजेशन लैब, सीएनसी कंट्रोलर लैब, सीएनसी मशीन लैब, रोबोटिक्स लैब, रैपिड प्रोटोटाइपिंग लैब, मेट्रोलॉजी लैब, रिन्यूएबल एनर्जी लैब और इंटरनेट से जुड़ी मशीनें यहां हैं। यह लगभग सभी इंजीनियरिंग विषयों की जरूरतों को पूरा करता है। इस केंद्र के जरिए संकाय दक्षता में कौशल विकास करना भी शामिल है। साथ ही छात्रों की रोजगार क्षमता में सुधार करना भी इसका उद्देश्य है। चंडीगढ़ क्षेत्र में अन्य इंजीनियरिंग संस्थान/आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्र इसका लाभ उठा पाएंगे। एमएसएमई उद्योगों में क्लस्टर विकास को भी बढ़ावा देगा।