चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से परिसर को व्हीकल फ्री जोन बनाने के लिए मुहिम चलाई जा रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को पीयू सिक्योरिटी की टीम ब्वाएज हॉस्टल-5 और 4 के सामने अवैध रूप से छात्रों की ओर से बनाई गई पार्किंग को बंद करने के लिए तारबंदी करने के लिए आई। इस दौरान तारबंदी कर रहे सिक्योरिटी स्टाफ को छात्र संगठन सथ के कार्यकर्ताओं ने वापस मोड़ दिया और इस फैसले का विरोध किया।
पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर को व्हीकल फ्री जोन बनाने के लिए वीसी प्रो. राजकुमार की ओर से हॉस्टल वार्डनों के साथ पिछले हफ्ते बैठक आयोजित की गई। इसमें सभी वार्डनों को निर्देश दिए गए हैं कि हॉस्टलों के अंदर और बाहर गाड़ियां पार्क नहीं होनी चाहिए। अधिकतर लड़कों के छात्रावास के पास छात्रों की गाड़ियों के लिए पर्याप्त पार्किंग जगह भी नहीं है। वहीं, लड़कियों के जिन हॉस्टल में पार्किंग जगह है। उन छात्राओं को नियमानुसार हॉस्टल में गाड़ी को रजिस्टर करवाना होता है। वार्डनों को निर्देश है कि पहले वे हॉस्टलों के बाहर खड़ी गाड़ियों की पहचान करेंगे। छात्रों को दो से तीन बार वार्निंग नोटिस दिए जाएंगे। अगर इसके बावजूद छात्र गाड़ी नहीं हटाते हैं तो उनकी शिकायत पीयू सुरक्षा प्रमुख को की जाएगी। डीएसडब्ल्यू दफ्तर की ओर से जारी नोटिस के अनुसार वर्ष 2017 में डीयूआई की ओर से सभी विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी किया गया था कि पीयू परिसर को व्हीकल फ्री जोन बनाना है इसलिए नए दाखिला लेने वाले छात्रों को गाड़ियां लाने की अनुमति नहीं होगी।
हॉस्टलों के बाहर तारबंदी करने आई टीम का किया विरोध
पीयू सिक्योरिटी प्रमुख अपनी टीम के साथ रस्सी से हॉस्टल के बाहर खड़ी की जाने वाली गाड़ियों की जगह पर तारबंदी करने आए थे। इसकी सूचना मिलते ही सथ के कार्यकर्ताओं ने टीम का विरोध किया और बीएच-5 के बाहर तारबंदी कर रही टीम को वापस भेज दिया। - हरमनप्रीत सिंह, कार्यकर्ता, सथ
छात्र संगठन एकजुट होकर डीएसडब्ल्यू से करेंगे चर्चा
सथ के कार्यकर्ता हरमनप्रीत ने बताया कि छात्रों की पार्किंग के मुद्दे को लेकर सभी छात्र संगठन एकजुट होकर डीएसडब्ल्यू से मुलाकात करेंगे। अगर छात्रों को हॉस्टलों के बाहर गाड़ी पार्क करने की अनुम ति नहीं है तो पीयू एक तय स्थान छात्रों को दें, जहां गाड़ियां पार्क की जा सके।