चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में मंगलवार रात को 12 बजे के करीब बाहरी युवक ने तेज रफ्तार जीप से पीयू छात्र की गाड़ी को गलत साइड से टक्कर मारी। एमए दर्शनशास्त्र के छात्र सुखविंदर की गाड़ी के एयरबैग खुलने के कारण उनका बचाव हो गया, लेकिन गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सुखविंदर छात्र संगठन सथ का सदस्य भी हैं। इस मामले को लेकर सुखविंदर ने सेक्टर-11 पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। छात्रों ने डीएसडब्ल्यू दफ्तर और पीयू सिक्योरिटी से रात के समय सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। बता दें पीयू के मार्च में खुलने के बाद रात के समय बाहरी युवकों की आवाजाही बढ़ गई है।
छात्रों ने बताया कि रात को बाहर के युवक गेड़ी मारने के लिए पीयू परिसर में घूमते हैं, इनके कारण लड़कियां भी खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। इसको लेकर पीयू अधिकारियों से कई बार चर्चा की गई है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। परिसर में चंडीगढ़ पुलिस की पीसीआर घूमती है, लेकिन बाहरी लोगों की मुख्य द्वार पर एंट्री पर रोक लगाने की बजाय पुलिसकर्मी परिसर में छात्रों को ही रात को खड़े होने या घूमने से रोकती है। परिसर में बाहरी युवकों की ओर से लड़कियों के साथ भी छेड़छाड़ के मामले आए हैं।
कोट्स :
चंडीगढ़ पुलिस देख रही मामला
रात के समय बाहरी गाड़ियों की चेकिंग के साथ पूछताछ की जाती है, बाहरी लोगों को एंट्री पीयू परिसर के निवासी ही दिलवाते हैं। रात को एक्सीडेंट जिस गाड़ी से हुआ, उसे पीयू परिसर के निवासी की ओर से ही एंट्री दिलवाई गई थी। तेज रफ्तार के लिए हर थोड़ी दूर में स्पीड ब्रेकर और टर्न बनाए गए हैं। एक्सीडेंट मामले में मंगलवार रात को पूछताछ के बाद मामले को चंडीगढ़ पुलिस को हैंडओवर कर दिया गया है। - विक्रम सिंह, सुरक्षा प्रमुख, पीयू
बाहरी भीड़ के कारण लड़कियां असुरक्षित
पीयू परिसर में रात को बाहरी गाड़ियों की ओर से गेड़ी लगाई जाती है। बाहरी युवकों ने परिसर को गेड़ी रूट बनाया हुआ है। इस कारण लड़कियों के साथ भी छेड़छाड़ की शिकायतें आ रही हैं। पीयू प्रशासन को रात को बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगानी चाहिए। - संदीप, छात्र नेता, एसएफएस
परिसर में सुरक्षा के लिए लगाए कैमरे
पीयू परिसर में रात को दस बजे के बाद बाहरी लोगों की एंट्री पर सख्त रोक होनी चाहिए। इसके साथ ही परिसर और खासकर छात्रावासों के सामने की सड़कों पर कैमरा इंस्टाल होने चाहिए, जिससे छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था बहाल हो और अपराधियों को आसानी से पकड़ा जा सके। कैमरा की वजह से बाहरी लोगों में थोड़ा डर बनेगा।
- पुनित मसीतां, छात्र नेता, इनसो
डीएसडब्ल्यू से सुरक्षा को लेकर चर्चा
रात को एक्सीडेंट मामले और बाहरी लोगों की बढ़ रही आवाजाही को लेकर बुधवार को डीएसडब्ल्यू से चर्चा भी की गई। इस दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने की बात रखी गई। परिसर में रात को 9 बजे के बाद स्टूडेंट आईडी पर ही प्रवेश दिया जाना चाहिए, क्योंकि रात को 9 बजे के बाद स्टूडेंट सेंटर बंद हो जाता है तो बाहरी लोगों के परिसर में आने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। रात को बाहरी युवकों की ओर से छेड़छाड़ की शिकायतें भी मिली हैं। - राहुल, छात्र नेता, एनएसयूआई
छात्रों की सुरक्षा यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी
बाहरी लोगों की पीयू परिसर में आने के लिए पीयू प्रशासन जिम्मेवार है। पीयू के छात्रों की सुरक्षा पीयू प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रशासन को मुख्य द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाना चाहिए। पीयू प्रशासन को बाहरी लोगों की बढ़ रही आवाजाही को लेकर बहुत बार शिकायत की गई है, लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। - अमित पुनियां, छात्र नेता, एबीवीपी