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Chandigarh News: पीयू में पुलिस की बढ़ती मौजूदगी के खिलाफ छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के वीसी कार्यालय के बाहर एनएसयूआई, सोई, एसएसएपी, सत्थ छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने परिसर के मामलों में पुलिस के हस्तक्षेप में बढ़ती चिंताजनक वृद्धि की निंदा की। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की लगातार मौजूदगी और हस्तक्षेप कैंपस में भय का माहौल पैदा कर रहा है और छात्रों की आवाज को दबा रहा है।
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एनएसयूआई संगठन के प्रतिनिधियों ने वीसी से मुलाकात की और तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने बिना किसी वैध कारण के विश्वविद्यालय के मामलों में पुलिस को बुलाए जाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे परिसर के लोकतंत्र और छात्रों की सुरक्षा की भावना पर सीधा हमला बताया। छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को प्रतिबंधित करने वाले हालिया हलफनामे की असंवैधानिक और असहमति को दबाने के उद्देश्य से आलोचना की गई। आगामी छात्र चुनावों में संभावित हस्तक्षेप को लेकर चिंताएं व्यक्त की और बाहरी दबाव से मुक्त पारदर्शी प्रक्रिया की मांग की गई।
उन्होंने कहा कि डेढ़ महीने पहले कैंपस में एक स्कूटी का चालान भी किया गया। इसके लिए एक गाड़ी की 4-4 जगह चैकिंग करवानी पड़ रही है। यदि पीयू प्रशासन ने एक्शन नहीं लिया तो संघर्ष तेज होगा। इस मौके पर सोई से जशनप्रीत सिंह, एएसएपी से कोमलप्रीत कौर के अलावा छात्र चिराग दुहान मौजूद थे।
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पीयू को बनाया जा रहा निगरानी क्षेत्र
पूर्व पीयूसीएससी उपाध्यक्ष अर्चित गर्ग ने कहा कि विश्वविद्यालय को बहस, सीखने और निडर अभिव्यक्ति का स्थान होना चाहिए। लेकिन इसे एक निगरानी क्षेत्र में बदल दिया जा रहा है जहां छात्र निगरानी और धमकी महसूस करते हैं। यह स्वीकार नहीं किया जाएगा।


सथ यूनियन के सदस्यों की गाड़ी से फाड़ा था स्टिकर
बीते दिन रात में सत्थ यूनियन के सदस्यों की गाड़ी से पुलिस ने स्टिकर फाड़ दिया था, क्योंकि चुनावों को लेकर पीयू प्रबंधन ने मंगलवार को दिशानिर्देश जारी किए थे। इसके बाद विद्यार्थियों और पुलिस में जमकर बहस हुई थी। अश्मीत सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी में डर का माहौल बनाया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की आवाज को दबाया जा सके।
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