हरियाणा के कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र नेता सीआईडी के रडार पर हैं। छात्र नेताओं की हर एक सक्रियता पर सीआईडी अपनी नजर बनाए हुए है। दरअसल, हरियाणा में 22 साल बाद होने वाले छात्र संघ के चुनावों को लेकर राज्य की खुफिया एजेंसी सीआईडी सक्रिय हो गई है।
कालेजों और विश्वविद्यालयों में ये चुनाव आगामी सितंबर महीने में प्रस्तावित है। तैयारियां मुकम्मल कर ली गई है, बस फैसला यह होना है कि चुनाव प्रत्यक्ष होंगे या अप्रत्यक्ष। इस पर भी सरकार जल्द अपना फैसला स्पष्ट कर देगी।
लेकिन हरियाणा में छात्र संघ चुनाव की घोषणा के बाद कालेजों और विश्वविद्यालयों में क्या माहौल है और किस तरह से छात्र नेताओं की सक्रियता बढ़ रही है। इसे लेकर सीआईडी ने अपना होमवर्क शुरू कर दिया है। ताकि चुनावों से पहले छात्रों के मूड को भांपा जा सके। इससे चुनावों को शांतिपूर्ण करवाने में बड़ी मदद मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार विभिन्न जिलों में सीआईडी की स्थानीय टीमें कालेजों और विश्वविद्यालयों में ये जानकारियां जुटा रही है कि छात्र संघ चुनाव की घोषणा के बाद कौन-कौन से छात्र नेताओं ने अपनी सक्रियता बढ़ाई है। ये नेता कौन है और इनका बैकग्राउंड क्या है। इन नेताओं का झुकाव किस राजनीतिक पार्टी की ओर है और छात्रों पर संबंधित नेता की कितनी पकड़ है। इसके अलावा चुनाव यदि अप्रत्यक्ष होते हैं तो या प्रत्यक्ष तो माहौल क्या रहेगा, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
छात्र इकाइयों को चुनावी तिथि का इंतजार
दूसरी ओर, विभिन्न छात्र इकाइयों कांग्रेस की एनएसयूआई, भाजपा की एबीवीपी और इनेलो की इनेसो ने भी कालेजों व विश्वविद्यालयों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इन इकाइयों के नेताओं को सिर्फ चुनाव की औपचारिक घोषणा और तिथि का इंतजार है। इन इकाइयों की मांग है कि चुनाव प्रत्यक्ष रूप से हो, लेकिन सरकार अभी तक चुनावों को अप्रत्यक्ष रूप से ही करवाना चाहती है। अब देखना यह है कि सरकार कब चुनावों की घोषणा करती है।