छात्र काउंसिल चुनाव प्रचार को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नेताओं के लिए बड़ा फरमान जारी किया है। पीयू और शहर के एफिलिएटेड कॉलेजों में सितंबर में होने वाले चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पीयू के कई छात्र संगठन चुनाव से पहले नेताओं का दौरा पीयू कैंपस में कराने की तैयारी में है। लेकिन पीयू प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कैंपस में पार्टी नेताओं को रैली आयोजित नहीं करने दी जाएगी।
पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) और शहर के एफिलिएटेड कॉलेजों में लगभग सभी छात्र संगठनों ने अपने स्तर पर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। पीयू के विभाग और कॉलेजों के बाहर पोस्टर वार शुरू हो चुका है। छात्र काउंसिल चुनाव को लेकर इस बार सभी पार्टियों ने पूरा जोर लगा रखा है। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सभी छात्र दल इस बार पीयू छात्र काउंसिल चुनाव को जीतकर माहौल बनाने की कोशिश में लगे हैं।
पीयू कैंपस में छात्र काउंसिल चुनाव सिर्फ छात्र नेताओं तक सीमित नहीं रहेगा। इस साल देश के बड़े राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं की भी चुनाव पर नजर है। छात्र संगठनों ने भी चुनाव में जीत के लिए बड़े नेताओं से संपर्क बनाना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार पीयू के कई छात्र संगठन अपने नेताओं का दौरा पीयू कैंपस में कराना चाहते हैं। उन्होने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। लेकिन पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि कैंपस में राजनैतिक पार्टियों के नेताओं को कोई भी बड़ी रैली या इवेंट आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कौन सा संगठन किसे बुलाने की तैयारी में
करीब 10-12 छात्र संगठन पीयू में छात्र काउंसिल चुनाव में उतरेंगे। इनमें एनएसयूआई की कमान हरियाणा के सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पंजाब में अकाली दल की स्टूडेंट पार्टी सोई को उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल खुद अपने स्तर पर देखते हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) एमएचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर को बुलाने की तैयारी में है। हरियाणा में इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) की पीयू में इनसो छात्र संगठन को दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला खुद देखते हैं। सभी छात्र संगठन अपने बड़े नेताओं को बुलाने की तैयारी में है।
पुलिस ने कैंटीन बंद करने के लिए लिखी चिट्ठी
पीयू कैंपस में छात्र काउंसिल चुनाव से पहले ही कई हिंसक वारदात हो चुकी हैं। अधिकतर वारदात पीयू के विभागों की कैंटीन में हुई हैं। सेक्टर-11 थाने के एसएचओ ने पीयू छात्र काउंसिल चुनाव तक पीयू की केमिस्ट्री, फिजिक्स सहित कई कैंटीन को शाम 5.30 बजे के बाद बंद करने को कहा है। इस फैसले को लेकर पीयू के कई छात्र नेताओं ने डीएसडब्ल्यू से विरोध जताया है।
नोटा का भी होगा विकल्प
पीयू छात्र काउंसिल चुनाव को लेकर इस बार नया प्रयोग होने जा रहा है। यूजीसी ने पीयू प्रशासन को छात्र काउंसिल चुनाव में नन ऑफ द अबल (नोटा) का विकल्प भी बैलेट पेपर में देने के निर्देश जारी किए हैं। पीयू प्रशासन की ओर से इस बार नोटा के विकल्प को शामिल करने का फैसला लिया है।
छात्र काउंसिल चुनाव पूरी तरह लिंगदोह कमेटी के निर्देशों के तहत होंगे। किसी भी बाहरी राजनीतिक दल का इसमें दखल नहीं होगा। छात्र संगठनों को पहले ही किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े नेताओं की रैली या बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं होगी। कैंपस में हर हाल में शांतिपूर्र्ण चुनाव कराने की कोशिश रहेगी।
- डॉ. जितेंद्र ग्रोवर, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर पंजाब यूनिवर्सिटी