पंजाब सरकार के दावों के विपरीत पंजाब में पराली जलाने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को 1515 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही अब तक पराली जलाने की 20978 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला संगरूर पराली जलाने के मामले में सबसे आगे चल रहा है। इस सीजन में अब तक संगरूर में पराली जलाने के 3604 मामले सामने आ चुके हैं। मंगलवार को भी यहां सर्वाधिक 397 मामले रिपोर्ट हुए। इसके अलावा बरनाला में 147, बठिंडा में 129, मानसा में 137, मोगा में 97, पटियाला में 68, फरीदकोट में 69, फिरोजपुर में 97 मामले रिपोर्ट हुए।
हालांकि, साल 2021 में सात नवंबर के ही दिन पराली जलाने के 5199 और 2022 में 2487 मामले सामने आए थे। मौजूदा सीजन में अब तक के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 20978 हो गई है। वहीं, अगर साल 2021 की बात करें तो अब तक पराली जलाने के कुल 37933 मामले और साल 2022 में 32734 मामले रिपोर्ट हुए थे। कृषि विभाग के निदेशक जसवंत सिंह के मुताबिक अभी राज्य में करीब 17 फीसदी रकबे पर धान की कटाई बाकी है। इनमें मुक्तसर और संगरूर जिले शामिल हैं। दिवाली तक कटाई का काम खत्म होने की उम्मीद है।
बठिंडा का एक्यूआई सबसे ज्यादा
पराली जलने से मंगलवार को भी पंजाब के विभिन्न शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में रहा। इनमें खास तौर से बठिंडा का एक्यूआई 343, मंडी गोबिंदगढ़ का 299, जालंधर का 252, पटियाला का 250, लुधियाना का 239, खन्ना का 203, अमृतसर का 205 दर्ज किया गया।