अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में पराली जलाने के अब तक कुल 95 मामले ही आए हैं। इनमें अमृतसर जिले से सर्वाधिक 55 मामले आए हैं। अमृतसर में सबसे पराली जलाने के 24 एफआईआर और 24 रेड इंट्री हुई हैंं। इसके साथ अमृतसर में 24 मामलों में एक लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। यह राशि वसूल ली गई है।
पंजाब में अब तक 53 मामलों में 2 लाख 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें से 2 लाख 10 हजार रुपये की वसूली की गई है। वहीं 53 मामलों में सेक्शन 223 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पराली जलाने पर पंजाब में 35 रेड एंट्रियां कर दी गई हैं। गौरतलब है कि भूमि रिका़र्ड में रेड एंट्री होने पर संबंधित किसान न तो अपनी जमीन बेच सकता है और न ही उसे गिरवी या फिर उस पर लोन ले सकता है। पंजाब में 29 सितंबर के बाद पराली नहीं जली है। इस दिन पंजाब में पराली जलाने के पांच मामले हुए थे। पंजाब में 15 सितंबर से सेटेलाइट के जरिये खेतों में पराली जलने की मानीटरिंग शुरू होने के बाद से अब तक कुल मामलों की गिनती 95 है। अमृतसर के बाद तरनतारन में सबसे अधिक 11 मामले, पटियाला में 10, बरनाला में तीन, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, व जालंधर में एक-एक मामला, कपूरथला में तीन, मालेरकोटला में चार मामले, होशियारपुर में दो, संगरूर में भी दो और एसएएस नगर में भी एक मामला हुआ है।
पीपीसीबी अधिकारियों के मुताबिक किसानों को लगातार पराली न जलाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। उम्मीद है कि इस बार पूरे सीजन में पराली जलाने के मामलों में पिछले सालों की तुलना में काफी कमी दर्ज की जा सकती है। लक्ष्य पराली जलाने के चलन पर पूरी तरह से रोक लगाना है, जिसके लिए प्रयास जारी हैं।