चंडीगढ़। बुधवार रात तेज आंधी के कारण कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। वहीं, शहर के कई इलाकों में सुबह पानी नहीं आया। इसे कारण लोग पानी की बूंद को तरसते रहे और काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पेड़ उखड़ने के कारण लोगाें के घर क्षतिग्रस्त हो गए। सड़कों पर पेड़ों की टहनियां बिखरी पड़ी रहीं।
मलोया स्मॉल फ्लैट में वीरवार सुबह पानी की आपूर्ति नहीं हुई। हजारों लोग प्रभावित रहे। काॅलोनी के निवासी राजेेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह पानी नहीं आने से लोगों को काफी परेशानी आई। पीने के लिए बोतल खरीदकर लाना पड़ा। पानी शाम साढ़े चार बजे आया। उन्होंने बताया कि मलोया में बड़ी संख्या में स्मॉल फ्लैट हैं। इनमें हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। बिजली चले जाने के बाद पानी की आपूर्ति नहीं होती है। ऐसे में वहां पर जनरेटर सेट का होना अनिवार्य है। यही की रहने वाले अरविंद सिंह, राम प्रवेश, प्रेम सिंह व अन्य लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष भी पानी की आपूर्ति में बाधा आई थी। उस समय भी जनरेटर सेट की मांग की गई थी।
गांव रायपुरखुर्द के पूर्व सरपंच लछमन सिंह का कहना है कि सभी ट्यूबवेल पर जनरेटर सेट लगाया जाना चाहिए। गांव में बिजली चले जाने के बाद पानी की आपूर्ति में बाधा आती है। गांव दड़वा के पूर्व सरपंच गुरप्रीत सिंह हैप्पी ने बताया कि बुधवार शाम को छह बजे की गई बिजली वीरवार दोपहर करीब डेढ़ बजे आई। दड़वा में गुरुद्वारा काॅलोनी, राजा का बाग काॅलोनी सहित अन्य जगह पानी की काफी दिक्कत हुई। वहीं, गांव बहलाना निवासी और मार्केट कमेटी के पूर्व डायरेक्टर जीत सिंह बहलाना ने बताया कि रात को गई बिजली सुबह सात बजे आई। लोग रातभर गलियों में बच्चों को लेकर घूमते रहे। डड्डूमाजरा निवासी सोहन सिंह ने बताया कि बुधवार की रात 10 बजे की गई बिजली अगले दिन वीरवार दोपहर बात तीन बजे आई, वह भी डिम रही।