हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (सर्व कर्मचारी संघ) ने सरकार पर कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांगों को नकारने और 322 करोड़ रुपये एरियर हड़पने और 3519 परमिट देने की तैयारी का आरोप लगाया है।
जिसके विरोध में यूनियन नौ फरवरी को करनाल चलो के नारे के साथ आंदोलन छेड़ेगी। छह फरवरी को प्रदेश के सभी डिपुओं पर धरने दिए जाएंगे।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सरबत पूनियां, महासचिव धर्मबीर हुड्डा, प्रेस सचिव श्रवण जांगड़ा ने कहा कि 20-21 जनवरी को सरकार द्वारा किए समझौते से कर्मचारियों को नुकसान होगा।
इसकी जानकारी देने के लिए नौ को पंचायत भवन करनाल में कार्यकर्ता सम्मेलन बुलाया गया है। जिसमें चालक-परिचालकों को एरियर के रूप में हर साल होने वाले नुकसान और मांगें नकारने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा।
इसके लिए 15 हजार जागरूकता पंफलेट बांटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान सरकार को दिए मांगपत्र में 3519 परमिट रद्द करने, बसों की संख्या दस हजार करने समेत तमाम मांगें शामिल थीं।
सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों को हर मांग पर सरकार के रुख की जानकारी दी जाएगी। सरकार 3519 परमिट देने पर अडिग है। मुलाजिम नेताओं ने कहा कि सरकार की मानसिकता उजागर होने के बाद कुछ लोग निजी स्वार्थ में लिप्त होकर सरकार का गुणगान कर रहे हैं, कर्मचारियों को भ्रमित कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इरादे न बदले तो यूनियन नौ फरवरी को बड़े आंदोलन की घोषणा करने पर मजबूर होगी।