मोहाली में सफाई मुलाजिमों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को 7वें दिन में प्रवेश कर गई। इस दौरान भी मुलाजिमों ने अपना काम बंद रखा। इससे शहर की सफाई ठप रही। वहीं, निगम की तरफ से कूड़ा उठाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
दूसरी तरफ मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सफाई मुलाजिमों की सूबा इकाई को वीरवार शाम चार बजे मीटिंग के लिए बुलाया। इसके बाद ही एसोसिएशन की ओर से आगे की रणनीति तय की जाएगी। मुलाजिमों ने तब तक अपनी हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है।
जानकारी के मुताबिक सफाई मुलाजिमों ने मजदूर फैडरेशन के बैनर तले प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी मुलाजिम फेज-11 में इकट्ठे हुए। इसके बाद मुलाजिमों ने नगर निगम आफिस तक रैली निकाली। साथ ही सरकार का पुतला जलाया। रैली को सज्जन सिंह, रघबीर सिंह संधू, सोहन सिंह, पवन गोडयाल, राजन चवरिया, शोभा राम, शिव कुमार, प्रीतम सिंह समेत कई लोगों ने संबोधित किया।
नेताओं ने मेयर व कमिश्नर से मांग की है कि हाउस की मीटिंग बुलाकर उनकी मांगों को पूरा किया जाए। कर्मचारियों की मुख्य मांग में 328 पदों को रेगुलर करना, कई सालों से गाड़ियां चला रहे सफाई सेवकों को ड्राइवर के पद पर नियुक्त करना, ठेकेदार राही लगे सफाई कामों को दस-दस लाख रुपये की बीमा बिना किसी देरी से देने की मांग शामिल हैं। मुलाजिमों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक संघर्ष चलेगा।
अकाली-बीजेपी पार्षद बोले-मेयर दें इस्तीफा: शहर की खस्ता हाल सफाई के मुद्दे पर बीजेपी व अकाली पार्षदों ने बुधवार को आपात मीटिंग की। पार्षदों का कहना है कि सफाई व्यवस्था ठप होने से शहर पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस सब के लिए निगम के मेयर कुलवंत सिंह जिम्मेदार हैं। क्योंकि सात दिनों से मुलाजिम हड़ताल हैं, लेकिन अब तक वह कोई अन्य इंतजाम नहीं कर पाए हैं। इसलिए उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
बारिश हुई तो हो जाएगा जलभराव: मुलाजिमों की हड़ताल से शहर की सूरत बिगड़ गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। वहीं, रोड-गलियां भी पत्तों और गंदगी से भर गई हैं। गमाडा के पूर्व एक्सईएन व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा के तकनीकी सलाहकार का कहना है कि अगर ऐसे में जरा सी बारिश होती है, तो पूरा शहर में पानी भर जाएगा। निगम को अपने निजी मतभेद भूलकर इस तरफ ध्यान देना चाहिए।