चंडीगढ़। 50 दिन से वीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे 30 अनुबंध कर्मियोंं की पीयू प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई है। वापस नौकरी पर रखे जाने की मांग लिए 24 घंटे प्रदर्शन पर बैठे कर्मचारियों को पीयू सुरक्षाबल द्वारा परेशान किया जा रहा है। कर्मचारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि 28 तारीख तक उन्हें काम पर नहीं रखा गया तो वह कुलपति का पुतला जला कर प्रदर्शन करेंगे।
31 मार्च को अनुबंध समाप्त होने के बाद 10 कर्मचारियों को वापस काम पर नहीं रखा गया, जो पिछले सात सालों से पीयू में काम कर रहे हैं। पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल आदि जगहों से आकर पंजाब यूनिवर्सिटी में प्लंबर, कारपेंटर, हेल्पर और सफाई कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे हैं। सबकी बस इतनी सी मांग है कि उन्हें काम पर वापस रखा जाए।
25 मई को पीयू प्रशासन के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों को वापस रखने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है और लिखित में कर्मचारियों को वापस रखने की कोई सूचना जारी नहीं की गई है।
सुबह, शाम और रात को धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया पीयू के सुरक्षाकर्मियों द्वारा उनके साथ बदसलूकी की जा रही है। छात्र संगठन के विद्यार्थी उनके साथ न बैठे हों तो सुरक्षाकर्मी उन्हें परेशान करते हैं। उनके गद्दे, तरपाल, पेास्टर को हटा दिया जाता है। रात के समय में उनके साथ हाथापाई भी की गई है।
अनुबंध पर नियुक्त करने की कोई प्रक्रिया नहीं
अनुबंध समाप्त होने पर ठेकेदारों द्वारा काम पर वापस रखने के लिए ठेकेदार द्वारा पैसे एंठे जाते हैं। अनुबंध पर वापस रखने की कोई स्पष्ट प्रक्रिया नहीं है। यहां तक कि अभी कार्यरत 72 कर्मचारियों के पहचान पत्र नहीं बने हैं और न ही उनकी हाजिरी ली जा रही है। धरने पर बैठे प्लंबर के पद पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि पीयू गेट से अंदर आने के लिए उनसे पहचान पत्र मांगा जाता है। सालों से यहां काम करने के बावजूद उन्हें बाहर के व्यक्ति की तरह बर्ताव किया जा रहा है।
कोट
दो महीने से यहां-वहां पैसे मांग गुजारा कर रहे हैं
10वीं पास शुभाशीष ने बताया दो महीने से अनुबंध पर वापस रखने की मांग कर रहे हैं। कमाई का कोई साधन नहीं है। इसलिए इधर-उधर से पैसे मांग कर गुजारा कर रहे हैं। पीयू में 2014 से प्लंबर का काम कर रहे हैं और आज उनकी बात सुनने वाला भी कोई नहीं है। अनुबंध पर वापस न रखे जाने से शुभाशीष को खुद से ज्यादा अपनी ढ़ाई साल की बेटी के भविष्य की चिंता है।
नौकरी मिलने तक यहीं धरना देंगे
पंजाब के रहने वाले अजय कुमार ने बताया कि धरने पर बैठे उन्हें रविवार को पूरे 50 दिन हो गए हैं। जब तक नाैकरी नहीं मिल जाती वह अपनी जगह से नहीं हिलेंगे। आज नहीं तो कल पीयू को उनकी मांग को मानना ही पड़ेगा।