पीआरटीसी ने मांगों को लेकर पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर चल रहे आउटसोर्सिंग वाले मुलाजिमों की छुट्टी करने का मन बना लिया है।
कारपोरेशन ने अपने सभी डिपुओं को हड़तालियों की जगह रिटायर मुलाजिमों की भरती प्रक्रिया शुरू करने के लिखित आदेश जारी कर दिए हैं। हड़ताल के कारण बड़ी संख्या में बसों के डिपुओं में बेकार खड़े रहने से कारपोरेशन को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। राखी नजदीक है, ऐसे में पीआरटीसी की आमदनी जहां बढ़नी चाहिए थी, वहीं ऐसा नहीं हो पा रहा है।
पिछले शनिवार से पीआरटीसी में प्राइवेट ठेकेदार की ओर से रखे गए ठेका मुलाजिम मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। मौजूदा में हड़ताली ठेका मुलाजिमों की संख्या करीब 800 है, जिनमें 400 ड्राइवर और 400 कंडक्टर शामिल हैं। मांगों को लेकर हड़ताली मुलाजिमों से कारपोरेशन प्रशासन ने कई बार बात की, लेकिन जब कोई नतीजा नहीं निकला और हड़ताली नहीं माने, तो अब कारपोरेशन ने इनकी छुट्टी करने का मन बना लिया है। डिपुओं में बसों के बेकार खड़ा रहने से कारपोरेशन को रोजाना 30 लाख के नुकसान के हिसाब से अब तक दो करोड़ से अधिक का वित्तीय नुकसान हो चुका है।
800 हड़ताली ठेका मुलाजिमों की जगह कारपोरेशन नई भरती करने जा रही है। खास बात यह है कि कारपोरेशन की ओर से रिटायर मुलाजिमों को भरती किया जाएगा। इस बारे में पीआरटीसी मैनेजमेंट ने सभी डिपुओं को लिखित में आर्डर जारी करके स्टाफ की कमी के हिसाब से रिटायर मुलाजिमों को आमंत्रित करके उनका मेडिकल टेस्ट करने के बाद भरती करने को कह दिया है। आर्डर के मुताबिक 65 साल से अधिक का रिटायर मुलाजिम नौकरी पर नहीं रखा जाएगा। रखे जाने वाले रिटायर मुलाजिम का पहले मेडिकल टेस्ट होगा, फिट पाए जाने पर ही उसे रखा जाएगा। सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, चीफ इंस्पेक्टर के पदों से रिटायर अगर कंडक्टर की जॉब करना चाहे, तो कॉरपोरेशन उन्हें भी मौका देगा।
पीआरटीसी चेयरमैन अवतार सिंह बराड़ ने कहा कि हड़तालियों को काफी समझाया-बुझाया गया, लेकिन वह लोग जानबूझ कर प्राइवेट ऑपरेटरों की शह पर पीआरटीसी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। क्योंकि राखी के दिनों में बसों से होने वाली आमदनी बढ़ जाती है। अब जब हड़ताल के कारण कॉरपोरेशन की बसें पूरी नहीं चल पा रही हैं, तो प्राइवेट ऑपरेटरों को तो फायदा होना ही है। उन्होंने कहा कि कारपोरेशन के सभी डिपुओं में स्टाफ की कमी के हिसाब से रिटायर मुलाजिमों को भरती किया जाएगा। उन्हें ठेका मुलाजिमों की तरह ही महीने में 10 हजार की सैलरी दी जाएगी। पीआरटीसी उन्हें अपने स्तर पर कांट्रेक्ट पर रखेगा।