बाबैन। प्रदेश में आचार सहिंता लागू होते ही प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने कई स्थानों पर लगे पोस्टरों, होर्डिगों एवं बैनरों को हटा दिया।
रविवार को निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशानुसार खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ईश्वर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने बाबैन क्षेत्र में खंभों, दीवारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगे विभिन्न राजनीतिक दलों के पोस्टरों, होर्डिगों एवं बैनरों को उतारने का काम किया।
चुनाव आयोग के आदेशानुसार विधानसभा चुनाव से पहले गांव, शहरों, गली, मोहल्लों से इस प्रकार की प्रचार सामग्री को उतारा जाना जरूरी है ताकि कोई भी राजनीतिक दल इनके माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित न कर सकें।
बताया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगे पोस्टरों, होर्डिगों एवं बैनरों को उतारने की जिम्मेदारी सरपंच एवं ग्राम सचिव की होगी, जो भी पार्टी आयोग के आदेशों की अवहेलना करेगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम सचिव फकीर चंद कश्यप ने बताया कि गांव में जहां राजीनतिक पार्टियों के स्लोगन एवं लुभावने नारे लिखे हुए हैं, उनको तुरंत प्रभाव से कालिख या कली आदि के माध्यम से पुतवाने का काम शुरू हो गया है।
ऐसे में चुनाव लड़ने वाले राजनेताओं द्वारा प्रचार के लिए खर्चे लाखों रुपये बेकार होते दिख रहे हैं। कुछ लोगों ने तो होर्डिंग को उतार कर अपने घरों में भी रखना शुरू कर दिया है।
उल्लंघना करने वाले पर होगी कड़ी कार्रवाई: ईश्वर सिंह
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ईश्वर सिंह का कहना है कि चुनाव आयोग के आदेशानुसार बाबैन क्षेत्र में लगे पोस्टरों, होर्डिगों एवं बैनरों को उतारने का काम शुरू कर दिया है।
राजनीतिक नेताओं द्वारा इस प्रकार की प्रचार सामग्री केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही लगाने की अनुमति दी जाएगी। जो भी पार्टी उम्मीदवार निर्वाचन आयोग के आदेशों की उल्लंघना करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी।