विंग कमांडर अभिनदंन वर्धमान की वापसी को लेकर हाईकमान स्तर पर तैयारियां चल रही थीं। इसके लिए एक बेहतरीन मौके की तलाश की जा रही थी। अब भारत-पाक के बीच चल रही तल्खी के मद्देनजर भारतीय वायुसेना ने सोमवार को विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी पठानकोट एयरबेस से लड़ाकू विमान से करवाई।
अभिनंदन ने वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ के साथ मिग-21 बाइसन उड़ाकर 6 महीने 6 दिन बाद वापसी की। वापसी के दौरान वायुसेना प्रमुख और अभिनंदन ने पाक सीमा की ओर ही उड़ान भरी थी।
इसके अगले ही दिन पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन को आठ अपाचे की स्क्वाड्रन से भी लैस कर दिया गया। दरअसल, पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पाकिस्तान बॉर्डर से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में भारतीय वायुसेना ने पहले अभिनंदन की वापसी और फिर अपाचे की तैनाती से पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है।
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बता दें कि अपाचे की पहली खेप पहुंच चुकी है जिसे पठानकोट में तैनात किया गया है। इसकी दूसरी खेप चीन सीमा के नजदीक स्थित जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन में तैनात की जाएगी। असम का यह महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशन है और यहां से चीन बार्डर की दूरी भी कुछ ज्यादा नहीं है। मार्च 2020 तक सभी 22 अपाचे देश को मिल जाएंगे, जिसके बाद इसकी दूसरी स्कॉड्रन जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन में तैनात की जाएगी।
अपाचे के आने के बाद इंडियन एयरफोर्स बहुत ताकतवर हो गई है। पाकिस्तान के साथ कैसा माहौल चल रहा है, मैं इस बारे में तो कुछ नहीं कहना चाहूंगा, मगर यह जरूर है कि दुश्मनों के लिए एयरफोर्स अब पहले से ज्यादा खतरनाक है और हमेशा तैयार है।-एयर मार्शल एएस बुटौला, सीनियर मोस्ट अटैक हेलीकॉप्टर पायलट