चंडीगढ़ नगर निगम ने कड़े नियमों के साथ स्ट्रीट वेंडर्स बायलॉज के संबंध में नोटिफिकेशन तैयार कर ली है। बायलॉज जारी होने के बाद रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडर ने यदि नियम तोड़ा तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहली बार नियम तोड़ने पर वेंडर को एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार डबल और तीसरी बार पांच हजार रुपये का जुर्माना। वहीं, चौथी बार में तीन महीने के लिए लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा, जबकि पांचवी बार नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद यदि कोई बिना लाइसेंस के मिला तो दस हजार रुपये जुर्माना वसूलने के साथ-साथ सामान जब्त कर लिया जाएगा, जिसे बाद में छोड़ा भी नहीं जाएगा।
ऑनलाइन होगा स्ट्रीट वेंडर्स का सारा रिकार्ड
बायलॉज के अस्तित्व में आ जाने के बाद नगर निगम कार्यालय में स्ट्रीट वेंडर्स सेल का गठन किया जाएगा। स्ट्रीट वेंडर्स की सभी जानकारी ऑनलाइन कर दी जाएगी। इसके लिए सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी को ठेका देने के बारे में विचार किया जा रहा है। यही कंपनी स्ट्रीट वेंडर्स के संबंध में सभी जानकारी को ऑनलाइन करने में नगर निगम की मदद करेगी।
स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान के लिए स्मार्ट कार्ड
स्ट्रीट वेंडर्स को चिप वाले स्मार्ट कार्ड भी जारी किए जाएंगे, जिसमें स्ट्रीट वेंडर्स के बारे में सभी जानकारी को अपलोड कर दिया जाएगा। साथ ही नगर निगम के पास भी वही जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे स्ट्रीट वेंडर्स को पहचानना आसान हो जाएगा और सर्वे में जिन के नाम आ चुके हैं, उनके अलावा अगर कोई अवैध रूप से रेहड़ी फड़ी लगाता है तो नगर निगम की तरफ से उस व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल नहीं रहेगा। स्मार्ट कार्ड को जारी करने की जिम्मेदारी भी सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी को सौंप दी गई है।
स्ट्रीट वेंडर से इतनी ली जाएगी राशि
स्मार्ट कार्ड जारी करने की एवज में नगर निगम स्ट्रीट वेंडर्स से 100 रुपये लेगा और अगर कार्ड गुम होता है तो दोबारा जारी करने पर वेंडर से 200 रुपये लिए जाएंगे। स्मार्ट कार्ड की वैलिडिटी 5 साल की रहेगी। पांच साल बाद रिन्यूअल होगा। सर्टिफिकेट के लिए स्ट्रीट वेंडर्स से अलग से प्रति वेंडर 100 रुपये लिए जाएंगे। डुप्लीकेट सर्टिफिकेट के लिए भी 200 रुपये फीस तय की गई है तो वहीं 5 साल बाद सर्टिफिकेट रिन्यूअल के लिए 500 रुपये देने होंगे। सर्टिफिकेट रिन्यूअल की जानकारी स्ट्रीट वेंडर्स को नगर निगम को दो महीने पहले देनी होगी।
स्ट्रीट वेंडर सेल का गठन हो चुका है। वेंडर से जब्त किया गया सामान जो खराब होने वाला होगा, उसे मंदिर व मस्जिद में दे दिया जाएगा। दूसरे सामानों की नगर निगम नीलामी करेगा। फूड वेंडर्स के परीक्षण के लिए पीजीआई से बातचीत चल रही है।
- वीएन शर्मा, मेंबर टाउन वेंडिंग कमेटी