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स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत हुए सर्वे में बड़ी धांधली आई सामने

Wed, 11 Jan 2017 01:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सेक्टर 22 में फड़ी बाजार - फोटो : File Photo
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शहर में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत हुए सर्वे और जमीनी हकीकत में दिन-रात का अंतर है। सर्वे करने वाली कंपनी को भुगतान से पहले निगम कमिश्नर ने अतिक्रमण हटाओ दस्ते को सर्वे का 15 प्रतिशत खुद चेक करने के निर्देश दिए। इसकी रिपोर्ट बुधवार को जमा करवाई जानी है। मगर हालत यह है कि जहां पर सर्वे में स्ट्रीट वेंडर सैकड़ों बताए गए हैं, वहां उनकी संख्या बहुत ही कम है।
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सेक्टर-17 ए और सेक्टर-45डी में अधिकारियों ने औचक सर्वे किया। निगम ने हरियाणा नवयुवा कला समागम से वेंडर्स का सर्वे करवाया था। इस कंपनी ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें सेक्टर-17 ए में 835 वेंडर्स बताए गए हैं, जबकि अतिक्रमण हटाओ दस्ते के अधिकारियों को 12 वेंडर काम करते हुए मिले हैं। कंपनी ने पूरे सेक्टर-17 में 1078 वेंडर्स काम करने की रिपोर्ट दी है। इसी तरह से जब कंपनी ने सेक्टर-45 डी में सर्वे किया था तो उन्हें 303 वेंडर्स काम करते हुए मिले थे, लेकिन अब अधिकारियों को वहां पर तीन लोग ही काम करते हुए मिले।

कंपनी के मुताबिक शहर में 21,621 वेंडर
हरियाणा नवयुवा कला समागम ने जो शहर में सर्वे किया है उसके अनुसार 21 हजार 621 वेंडर्स की रिपोर्ट दी गई है। निगम के साथ सर्वे से पहले कंपनी का समझौता हुआ है जिसके अनुसार प्रति वेंडर निगम को 314 रुपये के हिसाब से भुगतान करना है। ऐसे में निगम ने कंपनी को करीब 68 लाख रुपये देने हैं। सूत्रों का कहना है कि जब भुगतान के लिए फाइल नगर निगम कमिश्नर के पास आई तो उन्हें अधिकारियों को 15 प्रतिशत औचक सर्वे करके रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इसके बाद अब सभी सब इंस्पेक्टर अपने-अपने एरिया की रिपोर्ट दे रहे हैं।
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दूसरे राज्यों से भी बुलाए गए थे लोग 

सर्वे और जमीनी हकीकत में दिन रात का अंतर - फोटो : Demo Pic
दूसरे राज्यों से भी बुलाए गए थे लोग 
हरियाणा नवयुवा कला समागम की ओर से 18 जुलाई से लेकर 5 सितंबर तक शहर का सर्वे किया गया। इस दौरान पहले से काम करने वाले लोगों ने दूसरे राज्यों से अपने रिश्तेदारों को भी यहां पर बुला लिया। इस दौरान उन्होंने यहां पर काम किया और सर्वे के बाद वह चले गए।

लाइसेंस फरवरी माह तक
स्ट्रीट वेंडर्स को काम करने के लिए लाइसेंस फरवरी माह तक देने की येाजना है। इसके लिए नगर निगम ने स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी का गठन किया है। इसके अलावा स्ट्रीट वेडर जोन भी तय किए गए हैं जिस पर प्रशासन के वास्तुकार विभाग की मंजूरी लेनी है। इसके बाद वेंडर्स को उसी जोन में ही अपनी दुकान लगानी होगी।

सबसे ज्यादा वेंडर्स धनास में
कंपनी ने निगम को वार्ड और एरिया वाइज जो रिपोर्ट दी है, उसमेें सबसे ज्यादा वेंडर्स धनास एरिया में बताए गए हैं। यहां पर कंपनी को सर्वे के दौरान 2053 वेंडर्स मिले हैं। जबकि सेक्टर-22 में 1808 वेंडर्स की रिपोर्ट दी है। जबकि सेक्टर-22 में करीब 300 वेंडर अधिकारियों को कम मिले हैं।

बायोमीट्रिक सर्वे हुआ
कंपनी की ओर से जो डाटा निगम को सर्वे के बाद सौंपा गया है। उसमें सभी वेंडर्स का बायोमेट्रिक सर्वे है। इसके साथ ही सबके नाम के साथ-साथ उन सभी आधार लिंक से भी जोड़ने का भी दावा है। सर्वे करने वाली कंपनी के प्रमुख प्रवीण कुमार का कहना है कि सर्वे का पूरा डाटा नगर निगम को सौंप दिया गया है। उन्हें नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर से करवाए जा रहे रेंडम सर्वे की जानकारी नहीं है।

कमिश्नर ने दी निलंबन की धमकी
सेक्टर-17 के प्लाजा में रविवार को जगह-जगह फड़ियां लगने से कमिश्नर नाराज हो गए। उन्होंने यहां पर तैनात अतिक्रमण हटाओ दस्ते के अधिकारियों को निलंबन की चेतावनी दी है। सेक्टर-17 में स्थायी तौर पर तीन सब इंस्पेक्टर की ड्यूटी है। इन तीन सब इंस्पेक्टरों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
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