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पाकिस्तान से आ रहा पराली का धुआं, खराब हो रही पंजाब-दिल्ली की आबोहवा

Wed, 28 Oct 2020 02:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़

सार

  • पीपीसीबी की हाई वॉल्यूम सैंपलर मशीन के प्राथमिक आंकड़ों में हुआ खुलासा
  • सूबे के सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात ज्यादा खराब, वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर रहा है बढ़
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demo pic... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिल्ली की हवा को दूषित करने के लिए सिर्फ पंजाब ही नहीं पाकिस्तान भी जिम्मेदार है। पाकिस्तान के सीमावर्ती गांवों में जलने वाली पराली का धुआं पंजाब होते हुए दिल्ली पहुंच रहा है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगाई गईं हाई वॉल्यूम सैंपलर (एचवीएस) मशीन से मिले आंकड़ों में यह खुलासा हुआ है। सूबे के सीमावर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के स्तर में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

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भारत-पाकिस्तान बॉर्डर 3323 किलोमीटर लंबा है। इसमें पंजाब से पाकिस्तान की सीमा 553 किलोमीटर जुड़ी हुई है। इन दिनों पंजाब सहित पाकिस्तान के सीमावर्ती गांवों में धान की कटाई का कार्य जोरों से चल रहा है। यहां पर भी किसान पराली के निस्तारण करने के लिए आग लगा रहे हैं। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर (पीआरएससी) द्वारा ली गई सैटेलाइट की तस्वीरों में भी इसका खुलासा हो चुका है। अब पीपीसीबी की हाई वाल्यूम सैंपलर मशीनों से भी पाकिस्तान से लगे सूबे के सीमावर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर बढ़ रहा है। 



मशीनों से मिले
आंकड़ों के अनुसार इन क्षेत्रों में एक्यूआई के स्तर में पिछले सालों के मुकाबले 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और एक्यूआई का स्तर 150 से भी अधिक दर्ज किया गया है। पीपीसीबी इस गंभीर मुद्दे को लेकर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इसमें यह उल्लेख किया जाएगा कि पंजाब सहित पूरे उत्तर भारत में पाकिस्तान में जलाई जाने वाली पराली से पंजाब सहित उत्तर भारत के अन्य राज्यों में प्रदूषण फैल रहा है।
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पीआरएससी भी कर रहा मॉनिटरिंग
पिछले साल की तरह इस साल भी पाकिस्तान में जलाई जाने वाली पराली की मॉनिटरिंग पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर (पीआरएससी) कर रहा है। सेंटर से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान की सीमा के कई गांवों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों के साथ लगते पाकिस्तानी क्षेत्र में जहां धान की काफी खेती होती है वहां पराली जलाने की ज्यादा घटनाएं हो रही हैं। खासकर लाहौर और इसके साथ लगते क्षेत्रों में मामले अधिक हैं।

पाकिस्तान से आ रही हैं हवाएं
मौसम विभाग, चंडीगढ़ के निदेशक सुरिंदर पाल ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से आने वाली हवा का असर भारत के पंजाब पर पड़ना लाजिमी है। पाकिस्तान में पराली जलाने की वजह से धुआं इकट्ठा होगा और हमारे यहां हवाओं के पहुंचने पर प्रदूषण स्तर बढ़ेगा। अक्तूबर के पहले सप्ताह से दोपहर बाद लगातार उत्तर पश्चिम हवाएं चल रही हैं। अभी अक्तूबर तक यही हालात रहेंगे।

पराली पंजाब ही नहीं, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली से लगते हुए अन्य राज्यों में भी जलाई जा रही है। इन दिनों पाकिस्तान से भी उत्तर पश्चिम की ओर से चलने वाली हवाओं में पराली का धुआं उत्तर भारत के राज्यों में पहुंच रहा है। ऐसे में अकेले पंजाब को बदनाम करना उचित नहीं होगा। पाक के सीमावर्ती क्षेत्रों में जलने वाली पराली को लेकर केंद्रीय स्तर पर पहल की जानी चाहिए।
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- करुणेश गर्ग, मैंबर सेक्रेटरी, पीपीसीबी

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