चंडीगढ़ में पठानकोट जैसा आतंकी हमला न हो, इसके मद्देनजर प्रशासन ने एयरफोर्स के साथ मिलकर एक अभेद रणनीति बनाई है, जिसके तहत दो फैसले लिए गए हैं। पठानकोट स्थित आर्मी एयर बेस पर 2 जनवरी, 2016 को हुए आतंकी हमले से सीख लेते हुए यूटी प्रशासन ने एयरफोर्स स्टेशन के लिए खतरा बने करीब 10 पेड़ों को काटने का फैसला लिया है। पठानकोट में पेड़ के सहारे ही आतंकी बेस कैंप में घुसे थे। प्रशासनिक स्तर पर इन पेड़ों की पहचान कर ली गई है।
इनमें सात बडे़ सहित विभिन्न प्रकार के पेड़ शामिल हैं। प्रशासन चंडीगढ़ एयरफोर्स की सुरक्षा व्यवस्था इतनी पुख्ता करने जा रहा है कि यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। इसके लिए प्रशासन ने एयरफोर्स के आसपास पेड़ कटवाने का फैसला किया है। इसके पीछे प्रशासन यह तर्क दे रहा है कि पठानकोट में आतंकी पेड़ों के सहारे बेस कैंप में दाखिल हुए थे। यही वजह है कि एयरफोर्स के करीब खतरा बने लगभग 10 पेड़ कटवाए जाएंगे।
एयरफोर्स के दायरे में आने वाले निर्माण कार्य ढहाए जाएंगे
प्रशासन एयरफोर्स बाउंड्रीवाल से करीब एक सौ मीटर तक आने वाले से निर्माण कार्य को ढहाने के लिए पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। प्रशासन ने उन्हीं मकानों को नोटिस जारी किया है जो एयरफोर्स बाउंड्री के सौ मीटर की दायरे में आ रहे हैं। इसमें बहलाना, बेर माजरा और चार तरफ बुडै़ल गांव से लगभग 160 अवैध निर्माण ढहाए जाएंगे।
इसके लिए नोटिस जारी कर दिया है, लेकिन अभी समय सीमा तय नहीं है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर अवैध निर्माण की जांच का काम चल रहा है। यह जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसके बाद मकानों को गिराए जाने की कार्रवाई शुरू होगी। इसमें एक माह या इससे भी अधिक का समय लग सकता है।