12 साल पहले हुआ वो दर्दनाक वाक्या आज भी हर ग्रामीण की यादों में ताजा है। ब्लास्ट की आवाज सुनकर लोग रेलवे लाइन की ओर दौड़ पड़े थे। ट्रेन से आग की लपटें उठ रही थी। लोगों की चीख पुकार दूर तक गूंज रही थी। इस बीच लोगों ने ट्रेन से यात्रियों को निकाला था। घायलों को पानीपत के अस्पतालों में भिजवाया था।
घायलों के लिए ग्रामीणों ने अपने घर से भोजन, दूध व चाय भिजवाई थी। ग्रामीणों ने उस वाक्य में पीड़ितों की हर संभव मदद की थी। उस वक्त के रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने ग्रामीणों की तारीफ करते हुए गांव को 10 लाख की ग्रांट देने की घोषणा की थी लेकिन आज तक वो ग्रांट नहीं मिली। खुशदिल कादियान, सरपंच गांव सिवाह