जानकारी के अनुसार, यह गेस्ट हाउस मानसा से करीब 25 किलोमीटर दूर झुनीर में एक बैंक के ऊपर बना है। प्रितपाल सिंह यहां अक्सर पार्टी करने आते रहते थे। शनिवार रात 11 बजे प्रितपाल सिंह ब्रेजा गाड़ी से उसे लेकर यहां पहुंचे थे। दीपक टीनू को 27 सितंबर को गोइंदवाल जेल से सीआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह कस्टडी पर लाए थे।
महज छह दिन उनकी टीनू से इतनी घनिष्ठता हो गई कि वह उसे अपने घर भी ले गए। इस खतरनाक अपराधी की उन्होंने होटल में रखकर खूब सेवा की। अधिकारी जांच में जुटे हैं कि आखिर क्या वजह थी कि एक अपराधी को प्रितपाल सिंह यूं खुलेआम लेकर घूम रहे थे। इसके पीछे कोई बड़ा प्रलोभन तो नहीं था। सूत्रों का यह भी कहना है कि लॉरेंस का गैंग बहुत मजबूत और विशाल को चुका है। यह भी हो सकता है कि टीनू को फरार कराने के लिए कोई बड़ी डील हुई हो।
लापरवाही पर अन्य पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई
रविवार शाम को एंटी गैंगस्टर फोर्स के एआईजी गुरमीत सिंह चौहान, एसएसपी गौरव तूरा ने सांझा प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि उक्त पूरे मामले की गहराई से जांच चल रही है। किसी अन्य मुलाजिम की मिलीभगत आई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सीआईए प्रभारी प्रितपाल सिंह और आरोपी दीपक टीनू के खिलाफ थाना सिटी मानसा में केस दर्ज किया गया है। रविवार को हरियाणा सीमा पर दीपक टीनू का एनकाउंटर किए जाने संबंधी चल रही सूचनाओं को उक्त पुलिस अधिकारियों ने सिरे से नकार दिया।
मूसेवाला के माता-पिता बोले- पंजाब सरकार व पुलिस से संतुष्ट नहीं
दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला की माता चरण कौर और पिता बलकौर सिंह ने कहा है कि वह पंजाब सरकार और पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। कुख्यात अपराधी का यूं फरार हो जाना साबित करता है कि पंजाब पुलिस किस हद तक इनसे मिली हुई है। पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस के बड़े अधिकारियों को जवाब देना चाहिए।