पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में डीजल ऑटो को कैब परमिट देने पर लगाई रोक बरकरार रखी है। यह सख्ती हाईकोर्ट की ओर से डीजल ऑटो को परमिट देने पर पहले लगाई गई रोक के बावजूद राज्यस्तरीय परमिट शुरू करने के कारण बरती गई थी।
मामले में एक कंपनी विशेष के ऑटो को परमिट दिए जा रहे थे। हाईकोर्ट ने परमिट के साथ ही कंपनी के आटो के रजिस्ट्रेशन पर भी रोक लगाई थी।
एक याचिका में हाईकोर्ट का ध्यान आकर्षित किया गया था कि पंजाब में प्रदूषण के मद्देनजर डीजल ऑटो पर जहां हाईकोर्ट नए परमिट जारी करने पर प्रतिबंध लगा चुका था। वहीं पंजाब सरकार पूरे प्रदेश में ऑटो संचालन संबंधी मैक्सी परमिट जारी कर रही है।
इसी को लुधियाना की ऑटो रिक्शा एसोसिएशन ने एडवोकेट सरदविंदर गोयल के माध्यम से चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। मामले में बेंच ने ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी और कमिश्नर को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया था।
सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा था, उधर याची ने नए परमिट देने पर रोक लगाने की मांग की थी। बेंच ने सरकार को समय प्रदान कर दिया था, लेकिन डीजल ऑटो को मैक्सी कैब के नए परमिट देने पर रोक लगाने के साथ इस वर्ग में पंजीकरण पर भी रोक लगा दी थी।
शुक्रवार को सुनवाई केदौरान लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जिलों के वह ऑटो डीलर भी अदालत पहुंचे, जो कंपनी विशेष के ऑटो की बिक्री करते हैं। हाईकोर्ट ने इन्हें भी मामले में प्रतिवादी बना लिया है। यह पिछली सुनवाई पर भी पेश हुए थे और कहा था कि रोक के आदेश में संशोधन किया जाना चाहिए, परमिट पर रोक भले जारी रखी जाए, लेकिन पंजीकरण से रोक हटा ली जाए।