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Chandigarh News: 9 पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज, रोहतक के पूर्व एसपी को जल्द तलब कर सकती है एसआईटी

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चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस के पूर्व एडीजीपी वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले की जांच में चंडीगढ़ पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। टीम ने अब तक नौ पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं और कई अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, इनमें से कुछ गवाह वे हैं जो रोहतक में दर्ज एफआईआर से जुड़े हुए हैं।
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सूत्रों के मुताबिक पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया को भी जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इसके साथ ही एसआईटी ने हरियाणा के संबंधित विभागों से आरोपी अधिकारियों की वर्तमान तैनाती और आवासीय पते की जानकारी मांगी है ताकि उन्हें नोटिस भेजे जा सकें। टीम जल्द ही आरोपी अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है।

एफआईआर और स्टेटस रिपोर्ट मिली, अन्य दस्तावेज लंबित
सूत्रों ने बताया कि एसआईटी को मृतक के निजी गनर सुशील कुमार के खिलाफ 6 अक्तूबर को दर्ज एफआईआर और उसकी स्टेटस रिपोर्ट मिल चुकी है लेकिन अन्य आवश्यक दस्तावेज अभी तक टीम को नहीं मिले हैं। बताया जा रहा है कि मृतक ने आत्महत्या से पहले 9 पन्नों का फाइनल नोट लिखा था जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें तत्कालीन हरियाणा डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी नरेंद्र बिजारणिया का नाम भी उल्लेखित है।
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एफआईआर दर्ज करने के आधार की जांच करेगी एसआईटी
जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गनर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आधार क्या था। सूत्रों के अनुसार एफआईआर दर्ज करवाने वाले शराब ठेकेदार से भी जल्द पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामला किसी साजिश के तहत दर्ज किया गया था या वास्तव में गनर की अवैध गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। इसके साथ एसआईटी मृतक एडीजीपी के कॉल डिटेल्स, ईमेल और लैपटॉप की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से पहले उन्होंने अपना फाइनल नोट किसी को ईमेल किया था या नहीं।
गनर से चार घंटे पूछताछ, वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई
टीम ने रोहतक जेल में बंद गनर सुशील कुमार से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। गनर ने दावा किया है कि उसे षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। सूत्रों के अनुसार, मृतक के परिवार के सदस्यों को भी गवाह के रूप में पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
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