ड्रग्स पर नकेल कसने के लिए पंजाब सरकार की ओर से शुरू की गई मुहिम के तहत शुक्रवार को स्टेट लेवल ड्रग्स एडवाइजरी कमेटी का गठन कर दिया गया। यह कमेटी प्रदेश सरकार को नशों की समस्या पर काबू पाने के लिए सुझाव देगी।
नौ सदस्यीय इस कमेटी का गठन फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन आयुक्त की अगुवाई में किया गया है और स्टेट ड्रग कंट्रोलर इसके सदस्य सचिव हैं। कमेटी के अन्य सदस्यों में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर, पंजाब ड्रग टेस्टिंग लेबोरेट्री के एनालिस्ट, सीनियर मोस्ट जेडएलए, ड्रग मेनुफेक्चरिंग एसोसिएशन मोहाली के अध्यक्ष आदि शामिल हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस कमेटी का गठन दो वर्ष के लिए किया गया तथा तीन महीने में कम से कम एक बार इसकी बैठक होगी। सरकार को उम्मीद है कि इस कमेटी के सुझाव ड्रग्स की समस्या पर नकेल डालने में काफी कारगर साबित होंगे।
18 पुलिसवाले हो चुके बर्खास्त
गत 20 मई से नशों के खिलाफ पुलिस का अभियान भी निरंतर जारी है। करीब 3 हजार लोगों को अभी तक नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, नशा तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर लगभग डेढ़ दर्जन पुलिस वालों का बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि कई अन्यों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
जल्द ही कई और पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों पर भी गाज गिरना तय है। उल्लेखनीय है कि पंजाब में ड्रग तस्करी का मुद्दा जोर-शोर से उछला था और इसका नुकसान शिअद को उठाना पड़ा था। प्रदेश की 13 लोकसभा सीटों में से केवल 6 पर ही अकाली-भाजपा प्रत्याशियों को जीत हासिल हो सकी थी।
कई बड़े नेताओं पर भी ड्रग तस्करों से संबंध होने के आरोप लगे। चुनावी नतीजों की घोषणा के बाद शिअद व पंजाब भाजपा की कोर कमेटी बैठकों में भी यह मुद्दा छाया रहा। इसी का नतीजा रहा कि चुनाव नतीजों की घोषणा के चार दिन बाद ही बड़े स्तर पर ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान शुरू हो गया। अब उक्त कमेटी का गठन भी इसी कड़ी का हिस्सा है।